
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
चोपन सोनभद्र। विकास खंड चोपन के ग्राम सभा पनारी टोला नीमडाड़ में आदिवासी ग्रामीणों की खेती पर वन विभाग द्वारा कथित रूप से जबरन गड्ढा खोदकर फसल बर्बाद करने का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले करीब 20 वर्षों से उक्त भूमि पर जौ, चना, सरसों, अरहर सहित अन्य फसलों की खेती करते आ रहे हैं, जो उनके परिवार और बच्चों के जीवन-यापन का एकमात्र साधन है। ग्रामीणों के अनुसार वन विभाग की टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के खेतों में गड्ढे खोद दिए, जिससे खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। आदिवासी समुदाय का कहना है कि वन विभाग उन्हें उनकी ही जमीन से बेदखल करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वे लंबे समय से जंगल की सुरक्षा देखरेख में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। आदिवासी ग्रामीणों की सूचना पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सेतराम केसरी के साथ कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और खेतों में किए गए गड्ढों व फसल क्षति का निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल ने घटनास्थल पर ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी और वन विभाग की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सेतराम केसरी ने कहा कि वर्तमान सरकार बड़े पूंजीपतियों को बढ़ावा दे रही है, जबकि गरीब, किसान और आदिवासी समुदाय की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब आदिवासियों को उनकी जमीन और आजीविका से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भरोसा दिलाया कि पार्टी आदिवासी ग्रामीणों के साथ खड़ी है और उन्हें उनकी जमीन से बेदखल नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को शासन-प्रशासन के समक्ष उठाया जाएगा और आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान ओबीसी कांग्रेस जिला कार्यवाहक अध्यक्ष दिनेश यादव, राम बहाल अगरिया, शनि खरवार, बबलू अगरिया, धनुकधारी खरवार, चाकू अगरिया, प्रेम सागर, फुलसाह खरवार, मानरुप खरवार, शीला देवी, शिव कुमारी, राजवती, पन्नालाल, गुलाबी, मुन्नी देवी, सुपारी देवी, बुधिया देवी, शिवनाथ चौधरी सहित सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग की कार्रवाई की जांच कराई जाए और उनकी खेती और जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

