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Flop to Superhit Movie : कई बार फिल्म की शूटिंग के दौरान ही हीरो-हीरोइन को इस बात का अंदेशा हो जाता है कि मूवी फ्लॉप हो जाएगी. यह बात अलग है कि अंदेशा गलत साबित हो जाता है. 51 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघरों में आई थी जिसके फ्लॉप होने की आशंका हीरो को थी. यह डर इतना बढ़ गया कि फिल्म के रिलीज होने से पहले ही हीरो ने मुंबई छोड़ दिया. फिल्म के प्रीमियर में भी शामिल नहीं हुआ. इस फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया. मूवी सुपरहिट साबित हुई. जब इसकी जानकारी हीरो को हुई तो वह जल्दी से मुंबई पहुंचा. एक नई फिल्म की प्लानिंग कर डाली. यह फिल्म भी ब्लॉकबस्टर साबित हुई. आइये जानते हैं रोचक किस्सा……

साल था 1974. अप्रैल का महीना था. गर्मियों के दिन शुरू हो गए थे. राज खोसला के निर्देशन में बनी धर्मेंद्र की एक फिल्म रिलीज होने वाली थी. फिल्म का ट्रायल देखने के बाद ही धर्मेंद्र को पक्का यकीन हो गया था कि मूवी फ्लॉप हो जाएगी. यह फिल्म थी : दोस्त जिसके रिलीज होने से पहले ही धर्मेंद्र मुंबई से कश्मीर भाग गए थे. तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. जिस फिल्म को वह फ्लॉप समझ रहे थे वो सिनेमाघरों में हाउसफुल चल रही थी. जब धर्मेंद्र को इसकी खबर मिली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. वो भागते हुए मुंबई पहुंचे और सीधे डायरेक्टर के घर पर आमद दी. फिर क्या हुआ, आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा……….

‘गाड़ी बुला रही है, शीटी बजा रही है….’ गाना तो आपने भी जरूर कभी ना कभी सुना होगा. यह मकबूल गाना ‘दोस्त’ फिल्म का जो कि 12 अप्रैल 1974 में रिलीज हुई थी. किशोर कुमार ने इस गाने को अमर कर दिया. तब बॉक्स ऑफिस पर अमिताभ बच्चन की आंधी नहीं आई थी. उनका भी स्टारडम स्थापित होना बाकी थी. दोस्त फिल्म में हेमा मालिनी-शत्रुघ्न सिन्हा भी लीड रोल में थे. अमिताभ भी छोटी सी भूमिका में दिखे थे. फिल्म का डायरेक्शन दलाल गुहा ने किया था. स्टोरी-स्क्रीनप्ले सचिन भौमिक ने लिखा था. डायलॉग शफीक अंसारी ने लिखे थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. इस फिल्म के रिलीज होने से पहले ही धर्मेंद्र मुंबई छोड़कर कश्मीर चले गए थे. उन्हें पूरा यकीन था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी.

सवाल यह है कि धर्मेंद्र के मन में आखिर ऐसा ख्याल क्यों आया कि ‘दोस्त’ फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. दरअसल, 1969 में धर्मेंद्र-अशोक कुमार, शर्मिला टैगोर और संजीव कुमार की फिल्म सत्यकाम आई थी. इस फिल्म के प्रोड्यूसर धर्मेंद्र के रिश्तेदार शेर जंग सिंह पंछी थे. डायरेक्टर ऋषिकेश मुखर्जी थे. फिल्म इसी नाम के बंगाली उपन्यास पर बेस्ड थी जिसे नारायण सन्याल ने लिखा था. फिल्म सच-झूठ, न्याय-अन्याय की लड़ाई के बीच उम्मीद जगाती. एक ऐसे युवक की कहानी दिखाती है जो ईमानदारी से समझौता नहीं करता. म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का था. गीतकार कैफी आजमी थे. स्क्रीनप्ले विमल दत्ता ने लिखा था. दिल को छू लेने वाले डायलॉग्स रजिंदर सिंह बेदी ने लिखे थे.
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धर्मेंद्र ने सत्यकाम में जो एक्टिंग की, उसे उनके पूरे करियर में बेस्ट माना जाता है लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल पाई थी. हालांकि ऋषिकेश मुखर्जी को इसके लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था. हिंदी में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. दोस्त फिल्म का रोल कुछ-कुछ वैसा ही था जैसा उन्होंने सत्यकाम में निभाया था. धर्मेंद्र ने अधूरे मन से दोस्त फिल्म में काम किया.

जैसे-जैसे ‘दोस्त’ फिल्म की शूटिंग आगे बढ़ती गई, धर्मेंद्र को यकीन होता चला गया कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. फिल्म कंप्लीट हुई तो धर्मेंद्र ने अपने दोस्तों के साथ फिल्म का ट्रायल देखा. ट्रायल देखने के बाद धर्मेंद्र के दोस्तों को भी यकीन हो गया कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. ऐसे में धर्मेंद्र प्रीमियर में भी शामिल नहीं हुए. फिर पता चला कि वो कश्मीर किसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में गए हैं.

धर्मेंद्र को लग रहा था कि फिल्म का फ्लॉप होना तय है. वो दो-चार हफ्ते मुंबई से दूर रहेंगे और फिर जब वापस लौटेंगे तो लोगों से आंख मिला सकेंगे लेकिन किस्मत कुछ और कहानी लिख रही थी. किस्मत ने कामयाबी की नई इबारत लिखी. फिल्म का कलेवर-कहानी बिल्कुल नई थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन का एक छोटा सा रोल था.

धर्मेंद्र कश्मीर में शूटिंग में बिजी थे. इधर, मुंबई समेत देश के दूसरों शहर में दोस्त फिल्म हाउसफुल चल रही थी. तीन-चार दिन बाद धर्मेंद्र के करीबी दोस्त ने उन्हें फोन पर बताया कि फिल्म दर्शकों को बहुत पसंद आई है. यह सुनकर धर्मेंद्र उत्साहित हो गए. वो पास के सिनेमाहॉल में फिल्म देखने पहुंचे. कश्मीर में भी सभी शो हाउसफुल चल रहे थे. धर्मेंद्र दर्शकों का रिएक्शन देखकर बहुत खुश हुए.

इस रोचक किस्से का जिक्र धर्मेंद्र की ऑटोबायोग्राफी ‘धर्मेंद्र नॉट जस्ट ए हीमैन’ में किया गया है. दोस्त फिल्म में आनंद बख्शी ने दो ऐसे गाने लिखे तो जिंदगी से जुड़े हैं. पूरी फिल्म में ‘गाड़ी बुला रही है’ गाना अलग-अलग सिचुएशन के हिसाब से चलता है. दोस्त 1974 की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी.


