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Bollywood Blockbuster Movies : बॉलीवुड में कुछ ही एक्टर ऐसे हुए हैं जिनकी एक साल में 4-5 फिल्में आई हों और सभी फिल्मों को दर्शकों ने प्यार दिया हो. बॉलीवुड के एक सुपरस्टार के साथ गजब का संयोग हुआ. एक साल में उनकी अपनी ही पत्नी के साथ तीन फिल्में सिनेमाघरों में आईं. तीनों ही फिल्मों को जबर्दस्त सफलता मिली. सबसे दिलचस्प बात यह है कि एक फिल्म जहां एक्शन एडवेंचर थी तो दूसरी कॉमेडी मूवी थी. तीसरी रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी. इन तीन फिल्मों में से दो ब्लॉकबस्टर रहीं जबकि तीसरी बड़ी हिट फिल्म रही. एक मूवी तो हिंदी सिनेमा का पर्याय मानी जाती है.

साल था 1975. इस साल सिनेमाघरों में कुछ ऐसी फिल्में आई जो हिंदी सिनेमा का पर्याय बन गई. हिंदी सिनेमा का इतिहास इन फिल्मों का जिक्र बिना अधूरा सा लगता है. इसी साल सुपरस्टार पति-पत्नी की एकसाथ तीन फिल्में रिलीज हुईं. तीनों ही फिल्मों का जॉनर अलग-अलग था. एक फिल्म जहां एक्शन से भरपूर थी तो दूसरी कॉमेडी ड्रामा फिल्म थी. तीसरी रोमांटिक लव स्टोरी थी. तीन में से दो फिल्मों में धर्मेंद्र भी नजर आए थे. ये फिल्में थीं : शोले, चुपके-चुपके और मिली.

3 जून 1973 को दोनों ने शादी रचाई थी. शादी के बाद से ही अमिताभ बच्चन की किस्मत चमक गई. साल 1975 की शुरुआत में ही 24 जनवरी को अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ आई थी. इस एक्शन क्राइम फिल्म ने रातोंरात अमिताभ बच्चन के स्टारडम को अर्श पर पहुंचा दिया. 1975 में अमिताभ की 6 फिल्में रिलीज हुईं. इनमें से तीन फिल्मों में उनकी रियल लाइफ पत्नी जया बच्चन ने भी काम किया. दिलचस्प यह है कि तीनों ही फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं.

‘चुपके-चुपके’ एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म थी जिसका डायरेक्शन हृषिकेश मुखर्जी ने किया था. फिल्म में धर्मेंद्र, शर्मिला टैगोर, अमिताभ बच्चन, जया भादुड़ी, ओम प्रकाश, असरानी, डेविड, उषा किरन, लिली चक्रवर्ती जैसे सितारे नजर आए थे. यह मूवी उत्तर कुमार की बंगाली फिल्म ‘छद्मबेषी’ का रीमेक थी. म्यूजिक एसडी बर्मन का था. फिल्म का एक सदाबहार गाना ‘अब के साजन सावन में’ आज भी उतना ही पॉप्युलर है.
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‘दीवार’ फिल्म के बाद हृषिकेश मुखर्जी की एक क्लासिक कॉमेडी फिल्म ‘चुपके-चुपके’ रिलीज हुई थी. फिल्म 11 अप्रैल 1975 को सिनेमाघरों में आई थी.
इस फिल्म में हृषिकेश मुखर्जी किसी न्यूकमर को लेना चाहते थे. जैसे ही अमिताभ बच्चन और जया भादुड़ी को इसका पता चला तो दोनों उनके पास पहुंचे. फ्री में फिल्म में काम करने का ऑफर दिया. हृषिकेश मुखर्जी ने कहा कि रोल बहुत छोटा है, फिर भी दोनों ने इसे स्वीकार कर लिया. जया बच्चन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान प्रेग्नेंट थीं. ‘चुपके-चुपके’ ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.

अमिताभ बच्चन-जया भादुड़ी की एक और फिल्म इसी साल 20 जून 1975 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म का नाम ‘मिली’ था. इस फिल्म का डायरेक्शन हृषिकेश मुखर्जी ने ही किया था. यह एक रोमांटिक फिल्म थी. म्यूजिक एसडी बर्मन का था. इस फिल्म के दौरान ही उनका निधन हो गया था. बाद में उनके बेटे आरडी वर्मन ने फिल्म कंप्लीट की. गीतकार योगेश गौड़ थे. फिल्म में कुल 5 गाने रखे गए. फिल्म के दो गाने ‘आए तुम याद मुझे’और ‘मैंने कहा फूलों से’ बहुत मकबूल हुए थे.

‘मिली’ फिल्म की स्टोरी-स्क्रीनप्ले और डायलॉग बिमल दत्ता, राही मासूम रजा और मोहिनी एन. सिप्पी ने लिखे थे. फिल्म को एनसी सिप्पी और हृषिकेश मुखर्जी ने मिलकर प्रोड्यूस किया था. यह एसडी बर्मन की आखिरी फिल्म थी. फिल्म की कहानी मिली (जया बच्चन) के इर्द-गिर्द घूमती है जो कि एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है. मिली का जीवन के प्रति सकारात्मक नजरिया शराबी पड़ोसी शेखर (अमिताभ बच्चन) पर गहरा प्रभाव डालता है. वो उसे प्यार करने लगता है और उससे शादी करने के लिए तैयार हो जाता है. फिल्म के कई दिल छू लेने वाले थे. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.

15 अगस्त 1975 को भारतीय सिनेमा की सबसे महान फिल्म ‘शोले’ भी रिलीज हुई थी. इस फिल्म में भी जया बच्चन-अमिताभ की जोड़ी नजर आई थी. यह अमिताभ-जया बच्चन की इस साल की तीसरी फिल्म थी. कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. डायरेक्शन रमेश सिप्पी का था. प्रोड्यूसर उनके पिता जीपी सिप्पी थे. फिल्म में संजीव कुमार, धर्मेंद्र-हेमा मालिनी, अमजद खान लीड रोल में थे. यह फिल्म सिर्फ 4 लाइन के आइडिया पर बनी थी. शुरुआत में सलीम-जावेद ने सिर्फ चार लाइन की कहानी सुनाई थी, जिसे डेवलप किया गया. फिल्म की कहानी ‘मेरा गांव मेरा देश’ से बहुत ज्यादा इंस्पायर्ड थी. फिल्म जब बनकर तैयार हुई तो एक हफ्ते तक दर्शकों के लिए तरसती रही. फिर इसने कमाई के रिकॉर्ड तोड़ दिए. इस फिल्म के सबसे ज्यादा टिकट बिके और वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. फिल्म ने उस साल 50 करोड़ की कमाई की थी.



