
विंध्य ज्योति संवाददाता राजन जायसवाल
कोन/ सोनभद्र – जनपद के नव सृजित विकास खंड कोन अंतर्गत जल जीवन मिशन हर्रा कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत हर घर नल योजना धरातल पर धाराशायी साबित हो रहा है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कई ग्राम पंचायतों में नल कनेक्शन का कार्य पूरा नहीं सका और कागजों पर पूर्ण दिखा दिया गया। कई बार खबर प्रकाशित होने के पश्चात कार्यदायी संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लि. के द्वारा वास्तविकता पर पर्दा डालने के उद्देश्य से सड़क किनारे किनारे पाईप ढकने और नल कनेक्शन मरम्मत करने का कार्य तो कुछ जगहों पर शुरु किया गया था किन्तु कार्य पूरा नहीं हो सका।वहीं कई महीनें समय व्यतीत होने के बाद भी चोकिंग व मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होना बहुत बड़ा सवाल है । मिली जानकारी के अनुसार सोन नदी में अक्सर इंटेक पर बालू आ जाने के कारण समस्या उत्पन्न होने व ड्रेजिंग कराये जाने का हवाला दिया जाता है जिससे समस्या जस का तस बना हुआ और वहीं विभाग द्वारा संबंधित संस्था के बचाव में आख्या प्रेषित की जाती है। जिसका आलम है कि कई महीनों से क्षेत्रों में जलापूर्ति ठप है । ग्रामीणों के अनुसार सड़क किनारे किनारे तो कनेक्शन दिए गए पर सड़क के अंदर नल कनेक्शन से लोग वंचित हैं।।जानकारी के अनुसार विभाग के निर्देश पर उक्त संस्था के द्वारा कुछ जगहों पर नल कनेक्शन व मरम्मत किया जा रहा था किंतु बिना कार्य पूर्ण किये ही बंद कर दिया गया ।स्थानीय लोगों ने बताया कि कोन क्षेत्र अंतर्गत फ्लोरोसिस प्रभावित कचनरवा , असनाबांध, कुड़वा क्षेत्र में हर घर नल योजना लोगों के लिए अभिशाप साबित हो रहा है जहाँ आय दिन लोग काल के मुंह में समा रहे हैं और कई लोग असहनीय दर्द से खाट पर पड़े हैं वहीं कई लोगों की असामयिक मौत हो चुकी है। बतादें कि कचनरवा के टोला असनाबांध लिंक रोड वार्ड नंबर 3 में विगत आठ महीनों से ऊपर हो गया है किन्तु आज तक समस्या का समाधान नहीं हो सका । जिसके क्रम में पुन: ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए ऐसे भ्रष्ट संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग किया है। इसी तरह ग्राम पंचायत कचनरवा के असनाबांध वार्ड -3, बड़ाप , रोहिन वादामर् , नरोईयादामर् , मधुरी ,बागेसोती के सिंगा , डूमर, कुड़वा के धौर वादामर , शिवाखाडी , गोबरदाहा, पीपरखाङ के बिछ मरवा, धंगरडीहा , मझिगवां , चांचीकला , खरौंधी , मिश्री सहित कई गांवों में हर घर नल योजना के तहत जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। जबकि लोग पानी के लिए समय समय पर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई महीनों से कोन क्षेत्रों में जलापूर्ति नहीं की जा रही है जिससे आज भी लोग धौरवादामर , कुड़वा सहित अन्य स्थानों के लोग नदी नाले ,चुआंड से लेकर पानी पीने को मजबूर है। जिसके क्रम में वरिष्ठ समाजसेवी जोखन प्रसाद यादव ने संबंधित संस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि संबंधित संस्था की मनमानी इस कदर बढ़ गयी है कि क्षेत्र में आज भी लोग लोग नदी नाले का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं जहाँ लोगों के फ्लोरोसिस के चपेट में आने से रीढ़ की हड्डियाँ कमजोर होती जा रही है।उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल नल कनेक्शन व जलापूर्ति कराने की मांग किया है और ऐसे भ्रष्ट संस्था को तत्काल ब्लैक लिस्टेड की जाये ताकि सरकार की छवि धूमिल न हो सके।उन्होंने आगे कहा कि जहाँ कनेक्शन है वहाँ भी कई महीनों से पानी नहीं मिल रहा है जिससे लोगों में आक्रोश ब्याप्त है। सबसे बड़ा सवाल है कि भारत सरकार व प्रधानमंत्री सहित मुख्यमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजना नमामि गंगे जल जीवन मिशन के तहत परियोजना के अधिकारियों द्वारा पलिता फेर रहे हैं। जल जीवन मिशन का हर घर नल योजना घरों तक नहींबल्कि अब सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गया है। जिसके क्रम में ग्रामीणों ने शुक्रवार को जऊवाजोत (बागेसोती ) में जोरदार प्रदर्शन करते हुए नियमित पानी आपूर्ति की मांग करते हुए संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की माँग किया है अन्यथा की स्थिति में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन में मुख्य रूप से जोखन प्रसाद यादव, मोबिन् अंसारी, मिंटू शर्मा, छठू, रामनाथ मौर्या, गुड्डू पनिका आदि शामिल रहे।सूत्रों की मानें तो संबंधित संस्था के द्वारा अधिकांश ग्राम प्रधानों से संपूर्ण गांव में जलापूर्ति होने का प्रमाण पत्र बनवा कर शासन स्तर तक भेज दिया गया है। जिसके क्रम में स्थानीय लोगों ने सूबे के मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए शुद्ध पेयजल आपूर्ति कराने व संबंधित कार्यदायी संस्था को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग किया है।इस बावत अधिशासी अभियंता ( जल निगम) अरुण सिंह ने कहा कि खनिज विभाग के सौजन्य से पोकलेन द्वारा बालू हटाने का कार्य किया जा रहा था किन्तु पानी के लेबल में कोई सुधार नहीं हुआ वैसे हर संभव प्रयास किया जा रहा लोगों को पानी मिले।वहीं संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन बिंद से पक्ष जानने का प्रयास किया गया किन्तु कॉल रीसिव नहीं हुआ।अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या लोगों को पानी व कनेक्शन मिल पायेगा या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगा।

