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How to Protect Vegetable Crops From Frost: सर्दियों में तापमान गिरते ही खेतों की फसलें पाले और ठंड से प्रभावित होने लगती हैं. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि कैसे किसान इस मौसम में अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकते हैं. पढ़िए कि ठंड के बीच भी किसान अपनी फसलों को नुकसान से कैसे बचाते हैं और उन्हें टिकाऊ बना सकते हैं.

तापमान गिरने पर फसलों में हल्की सिंचाई करना सबसे प्रभावी तरीका है. नमी के कारण मिट्टी का तापमान बना रहता है और पाले का असर कम होता है. शाम के समय सिंचाई करने से खेत की हवा में गर्माहट बनी रहती है, जिससे पौधों की कोशिकाओं के जमने का खतरा टल जाता है.

नर्सरी और छोटी बेल वाली फसलों को पाले से बचाने के लिए उन्हें ढकना जरूरी है. पारदर्शी प्लास्टिक शीट या टाट की बोरियों का उपयोग करके पौधों को रात के समय ढका जा सकता है. इससे पौधों के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बन जाता है और सीधी ठंडी हवा उन तक नहीं पहुंचती.

रात के समय जब तापमान अत्यधिक गिर जाए, तो खेत के चारों ओर मेड़ों पर सूखी घास, पुआल या कचरा जलाकर धुआं करना चाहिए. यह धुआं खेत के ऊपर एक सुरक्षा परत बना देता है, जिससे विकिरण द्वारा ऊष्मा का नुकसान कम होता है और वातावरण का तापमान स्थिर रहता है.
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सल्फर का छिड़काव ठंड से बचाव में बहुत मददगार होता है. घुलनशील सल्फर के 0.1% घोल का छिड़काव करने से न केवल पौधों को आंतरिक गर्मी मिलती है, बल्कि यह फफूंद जनित रोगों से भी सुरक्षा प्रदान करता है. इससे फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और विकास बना रहता है.

खेत की उत्तर-पश्चिमी दिशा में अवरोधक लगाना एक बेहतर रणनीति है. किसान सरकंडा, मक्का के डंठल या झाड़ियों का उपयोग करके ‘विंड ब्रेक’ बना सकते हैं. यह ठंडी हवाओं की गति को धीमा कर देता है, जिससे खेत के सूक्ष्म वातावरण में तापमान बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिर पाता है.

सर्दियों में पौधों की वृद्धि धीमी हो जाती है, इसलिए संतुलित खाद और उर्वरकों का प्रयोग करें. पोटेशियम युक्त खाद का प्रयोग करने से पौधों की कोशिकाओं में मजबूती आती है और वे विपरीत मौसम को सहने के सक्षम बनते हैं. साथ ही, समय-समय पर फसल की निगरानी करते रहें.


