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Year Ender 2025: भारतीय वेटलिफ्टिंग के लिए साल 2025 बेहद खराब रहा. भारत का डोपिंग में लगातार तीसरे साल रिकॉर्ड बेहद खराब रहा. हालांकि इस दौरान मीराबाई चानू का वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल सबसे बड़ी उपलब्धि रही. टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई ने देश में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद उन्होंने 48 किलो वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया.
मीराबाई चानू की साल 2025 में उपलब्धि भारत्तोलन में सबसे बड़ी रही. नई दिल्ली. भारतीय वेटलिफ्टिंग एक बार फिर मीराबाई चानू की शानदार प्रतिभा के इर्द-गिर्द घूमती रही. उनका वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, डोपिंग की चिंता और सीनियर खिलाड़ियों के कमजोर प्रदर्शन के बीच, 2025 के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि रही. चोट के कारण एक साल से ज्यादा समय तक खेल से दूर रहने के बाद, टोक्यो ओलंपिक की सिल्वर मेडलिस्ट मीराबाई ने देश में हुई कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता. इसके बाद उन्होंने 48 किलो वर्ग में वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता, जिससे भारत में उनकी लीडर की जगह और मजबूत हुई. पेरिस ओलंपिक के बाद खेल से बाहर रहीं चानू ने अगस्त में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर शानदार वापसी की, हालांकि वहां मुकाबला आसान था. उन्होंने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए तीसरा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल भी अपने नाम किया.
मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने नॉर्वे के फोर्डे में 199 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने स्नैच में 84 किलो और क्लीन एंड जर्क में 115 किलो उठाया. चानू के अलावा इस सीजन में बाकी सीनियर वेटलिफ्टर कोई खास कमाल नहीं कर पाए. भारतीय खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में कमजोर मुकाबले के बावजूद मेडल तो जीते, लेकिन उनका प्रदर्शन वर्ल्ड लेवल के करीब भी नहीं था.

मीराबाई चानू की साल 2025 में उपलब्धि भारत्तोलन में सबसे बड़ी रही.
एशियन चैंपियनशिप में निरुपमा देवी ने महिलाओं के 64 किलो वर्ग में चौथा और दिलबाग सिंह ने पुरुषों के 96 किलो वर्ग में नौवां स्थान पाया, जिससे साफ है कि भारत सिर्फ कॉमनवेल्थ लेवल पर ही अच्छा कर पा रहा है. डोपिंग का खतरा लगातार भारतीय वेटलिफ्टिंग पर बना रहा. वर्ल्ड डोपिंग एजेंसी (WADA) के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, लगातार तीसरे साल भारत का डोपिंग में रिकॉर्ड सबसे खराब रहा.
वेटलिफ्टिंग में डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों की संख्या दूसरे नंबर पर रही. निराशा के माहौल में जूनियर और युवा वेटलिफ्टरों के अच्छे प्रदर्शन ने उम्मीद जगाई है, क्योंकि अगले साल भारत एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेगा. कोयल बार ने अगस्त में कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में दो युवा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए, वहीं प्रितीस्मिता भोई ने यूथ एशियन गेम्स में लड़कियों के 44 किलो वर्ग में गोल्ड जीतते हुए क्लीन एंड जर्क में यूथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया.
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करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

