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Azamgarh News: आजमगढ़ पुलिस की ओर से भ्रष्टाचार में संलिप्त एक दरोगा के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है. पीड़ित की शिकायत के बाद जिले के एसपी की ओर से की गई जांच में दरोगा को रिश्वत लेते हुए पाया गया, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करते हुए जेल भेजा गया.
आजमगढ़: यूपी पुलिस हमेशा अपने तेज-तर्रार कारनामों के लिए चर्चा में रहती है. इसी तरह यूपी की आजमगढ़ पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में हैं. दरअसल आजमगढ़ जनपद के देवगांव कोतवाली में तैनात दारोगा लाल बहादुर प्रसाद को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पीड़ित की शिकायत के बाद आजमगढ़ एसएसपी की जांच में दोषी पाए गए दारोगा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है और तत्काल प्रभाव से दारोगा को सस्पेंड करते हुए उसी थाने में बंद कर दिया गया, जिसमें वह दारोगा के पद पर तैनात थे. जिले के तेज तर्रार एसएसपी की ओर से यह हिदायत भी दी गई है कि विभाग में भ्रष्टाचार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
5000 रुपए की रिश्वत मांगनी पड़ी महंगी
दरअसल जिले के देवगांव थाना कोतवाली के अंतर्गत ग्राम मिर्जापुर निवासी आकाश चौहान की ओर से जनसुनवाई में शिकायत दर्ज की गई कि गांव के ग्राम प्रधान व उनके साथियों की ओर से पुरानी रंजिश के चलते उनके साथ मारपीट की गई थी. इसके संबंध में थाना देवगांव में तीन नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी विवेचना उप निरीक्षक लाल बहादुर प्रसाद की ओर से की जा रही थी. विवेचना में सब इंस्पेक्टर की ओर से इन सभी अभियुक्तों को जेल भेजने, चार्जसीट लगाने और प्रकरण में त्वरित कार्यवाही करने के लिए उनसे 5000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी.
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज
पीड़ित की ओर से दर्ज शिकायत पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की ओर से तत्काल संज्ञान लिया गया और क्षेत्राधिकार लालगंज को निष्पक्ष जांच सौंपी गई. जांच में सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर प्रसाद प्रथम दृष्टि हैं तो दोषी पाए गए और रिश्वत मांगने की शिकायत बिल्कुल सत्य पाई गई. इसके बाद सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध थाना देवगांव में मुकदमा संख्या 441/2025 धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपी सब इंस्पेक्टर को निलंबित करते हुए उन्हें जेल भेजा दिया गया.
पीड़ित की ओर से शिकायत पर कार्रवाई
मामले पर जानकारी देते हुए आजमगढ़ एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने लोकल 18 को बताया कि पीड़ित की ओर से शिकायत की गई थी कि विवेचना और कार्रवाई करने के लिए सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर प्रसाद की ओर से 5000 रुपए की रिश्वत मांगी गई थी, जिसकी जांच सीओ लालगंज की ओर से कराई गई जांच में आरोप सत्य पाया गया, जिसके बाद सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करते हुए उन्हें निलंबित कर जेल भेजा गया है.

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


