नई दिल्ली: अंग्रेजी में एक कहावत है, “एज इज अ जस्ट ए नंबर” यानी उम्र बढ़ना सिर्फ एक संख्या है. यही चीज प्रोफेशनल रेसलर और मिक्स्ड मार्शल आर्ट यानी MMA में भारत का नाम ऊंचा करने वाले संग्राम सिंह पर लागू होता है. फिट इंडिया अभियान के एम्बेसडर रह चुके संग्राम सिंह ने नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में हुए लेवल्स फाइट लीग (LFL) में ट्यूनीशिया के हकीम त्राबेल्सी को नॉकआउट हराकर भारत का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कर दिया. इस जीत के साथ वे इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एमएमए प्लेटफॉर्म पर जीत हासिल करने वाले पहले भारतीय फाइटर बन गए हैं.
2 नवंबर 2025 को हुए इस रोमांचक मुकाबले में संग्राम सिंह ने अपनी फिटनेस, अनुशासन और अदम्य आत्मविश्वास का परिचय दिया. उन्होंने अपनी बेहतरीन रणनीति, ग्राउंड कंट्रोल और रेसलिंग तकनीक से प्रतिद्वंद्वी को मात दी. यह जीत केवल एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि भारत की नई खेल सोच की पहचान है. इस बड़ी उपलब्धि के बाद संग्राम सिंह ने न्यूज 18 इंडिया से खास बातचीत करते हुए MMA में नई शुरुआत, करियर और पर्सनल लाइफ पर खुल कर चर्चा की.
40 साल की उम्र में आप MMA की रिंग में उतरे क्या और किस तरह की तैयारी रही?
देखिए उम्र की बात नहीं, मैं बस अपने देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना चाहता हूं.मैं ये नए बच्चों के लिए कर रहा हूं. मैं अगर 40 साल की उम्र में कर सकता हूं तो आप 20 साल की उम्र में क्यों नहीं कर सकते हैं. अब तो MMA को भारत में भी मान्यता है. मैं बस चाहता हूं कि नए बच्चे भी बढ़चढ़ कर स्पोर्ट्स में आए.
LFL के बारे में लोगों को जानकारी नहीं थी, कैसे पता चलेगा कि इस तरह का इवेंट हो रहा है, जिसमें संग्राम सिंह आइकन हिस्सा लेते हैं?
इसके पीछे कई तरह की वजह है. जिस दिन मेरा मैच था उसी दिन भारत में महिला क्रिकेट विश्व का पहला फाइनल था और मेंस क्रिकेट का भी टी20 मैच भी था. भारत में आपको पता ही है कि लगभग 95 प्रतिशत लोग क्रिकेट देखते हैं, लेकिन खुदकिस्मत हूं कि इंडिव्यूजल गेम्स में जो भी 5-10 भारतीय स्पोर्ट्स पर्सन हैं, उसमें से एक मेरा भी नाम लोग जानते हैं. मैं किसी को गलत नहीं कहूंगा कि कोई क्रिकेट क्यों देखता है, बीसीसीआई ने उसके लिए काम किया है, लेकिन मैं खुश हूं कि देश में मेरी भी एक पहचान है. खेल के अलावा मनोरंजन जगत के कारण भी मुझे लोग पहचानते हैं.
1999 में आप दिल्ली पुलिस में थे, क्या आप वर्दी को मिस करते हैं
मैं स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस में भर्ती हुआ था. एक नॉर्मल पोस्ट पर था. मैं जब भर्ती हुआ था तो 13 साल बाद दिल्ली पुलिस के लिए मेडल जीता था. इसके बाद का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा. कई बार मैं सस्पेंड भी हुआ, लेकिन मैंने दिल्ली पुलिस में रहकर बहुत कुछ सीखा, लेकिन मुझे लगा कि मैं इस चीज के लिए बना ही नहीं हूं. इस वजह से मैंने पुलिस सर्विस को छोड़ी. क्योंकि मुझे स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाना था.
बिग-बॉस में आए थे, लेकिन किसी बड़े प्रोजेक्ट में आप नहीं दिखे क्यों?
देखिए मैंने कई सारे शो किए हैं. कुछ एक सुपरस्टार्स के अंगेंस्ट मैंने फिल्मे भी छोड़ी हैं, लेकिन मैं एक ऐसा इंसान हूं कि सूखी रोटी और पानी पी के सो जाऊंगा, लेकिन मैं वही काम करूंगा जो मेरे लायक है. मैं छोटी-मोटी चीजें नहीं कर सकता हूं. एक दो लोगों ने बुरा भी माना इस चीज को लिए. मैं जल्दी ही वापसी कर रहा हूं. देखिए मैंने एक्टिंग तो नहीं सीखी है, लेकिन मैंने इस चीज को लेकर बहुत मेहनत की है. अगर कोई अच्छी एक्शन फिल्म में काम मिलता हैं मैं जरूर करूंगा, लेकिन मैं निगेटिव रोल में नहीं करूंगा. मैं कई फिल्मे ऐसी छोड़ी है, जिसमें मुझे निगेटिव रोल मिल रहा है था, लेकिन मैंने उसे छोड़ा.
उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ निगेटिव रोल ही नहीं, मैंने गुटखा, पान मसाला, वाइन और बेटिंग एप के कई प्रोजेक्ट को छोड़ा है. अगर आप देश में एक युवाओं के लिए आइकन हैं तो चाहें आप किसी भी फील्ड में हैं आपको हमेशा अच्छा मैसेज देना चाहिए. आपके लिए आपका पूरा देश एक परिवार है. मेरा मानना है कि आपको हमेशा सही चीज करना चाहिए. मैं हमेशा अपने देश के लिए खड़ा हूं”
पर्सनल लाइफ में आपके और पायल रोहतगी को लेकर विवाद की खबरें आई थी, इस पर आप क्या कहेंगे?
देखिए, मैं एक ऐसा इंसान हूं कि मेरे सब दोस्त हैं, मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है. पायल एक अच्छी इंसान हैं, उनकी और मेरी लाइफ एक-दूसरे के ईर्द-गिर्द हैं. मेरे लिए वो दोस्त भी हैं मैं उनका पति भी हूं, लेकिन मीडिया में बिना किसी कंर्फमेंशन के चीजें वायरल हो जा रही है. लोग बहुत ही बहकावे में लाने की कोशिश की करते हैं, पहले मुझे फर्क पड़ता था, लेकिन अब नहीं. मैं और पायल साथ हैं.


