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Sangram Singh MMA: संग्राम सिंह ने एम्स्टर्डम में एलएफएल 20 में हकीम त्राबेल्सी को हराकर यूरोप के इस प्रीमियर एमएमए प्लेटफॉर्म पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय फाइटर बने. 40 वर्ष की उम्र पार कर चुके संग्राम सिंह आज भी अपनी फिटनेस, अनुशासन और दृढ़ निश्चय के लिए मिसाल बने हुए हैं.
संग्राम सिंहपहलवान से mma फाइटर बने संग्राम सिंह ने यूरोप की प्रतिष्ठित लेवल्स फाइट लीग (एलएफएल) में इतिहास रचते हुए जीत हासिल की है. संग्राम सिंह यूरोप के इस प्रीमियर एमएमए प्लेटफॉर्म पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय फाइटर बन गए हैं. एलएफएल 20 में, जो एम्स्टर्डम में आयोजित हुआ, संग्राम का मुकाबला ट्यूनीशिया के ताकतवर और कुशल फाइटर हकीम त्राबेल्सी से हुआ, जिनका पेशेवर रिकॉर्ड लगातार जीतों से भरा रहा है.
पहले ही राउंड से संग्राम ने अपनी रेसलिंग तकनीक, बेहतर नियंत्रण और रणनीतिक स्ट्राइकिंग के बल पर मुकाबले में बढ़त बनाई, उन्होंने त्राबेल्सी के आक्रमणों को सटीक रेसलिंग मूव्स से निष्प्रभावी किया और क्लिंच व बॉडी लॉक पोजीशन लेकर फाइट के हर हिस्से पर नियंत्रण बनाए रखा. संग्राम ने सोच-समझकर शांत रहकर अपने प्रतिद्वंद्वी को आक्रमण के लिए आमंत्रित किया ताकि वे सही समय पर काउंटर कर सकें और जोखिम लिए बिना मैच को नियंत्रित कर सकें.
दूसरे राउंड में संग्राम ने शानदार बार-आर्म चोक तकनीक का उपयोग करते हुए जीत दर्ज की. यह एक प्रकार की फोरआर्म चोक तकनीक है जो रियर नेकेड चोक से संबंधित है. इस बेहतरीन सबमिशन मूव के बाद त्राबेल्सी को टैप आउट करना पड़ा और संग्राम ने निर्णायक जीत हासिल की. यह जीत उनके अनुभव, तकनीकी कौशल और फाइट आईक्यू का प्रमाण है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय एमएमए मंच पर शीर्ष श्रेणी का प्रतियोगी बना दिया है.
यह संग्राम सिंह की यूरोप में दूसरी बड़ी एमएमए जीत है. इससे पहले उन्होंने त्बिलिसी, जॉर्जिया में आयोजित गामा इंटरनेशनल फाइटिंग चैम्पियनशिप में पाकिस्तान के फाइटर अली रज़ा नासिर को 90 सेकंड से भी कम समय में हराकर तहलका मचा दिया था. उस जीत ने उन्हें किसी भारतीय पहलवान की पहली पेशेवर एमएमए जीत दिलाई और भारतीय कॉम्बैट स्पोर्ट्स के लिए एक नया अध्याय शुरू किया.
अपनी ऐतिहासिक जीत पर उत्साह व्यक्त करते हुए संग्राम सिंह ने कहा, ‘यह जीत हर उस भारतीय युवक की है जो विश्व स्तर पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है. लेवल्स फाइट लीग ने मुझे यूरोप में भारतीय जज्बा और संघर्षशीलता दिखाने का मंच दिया. मैं चाहता हूं कि मेरी यह यात्रा हर युवा को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दे.’
कोच भूपेश कुमार ने कहा, ‘मुझे संग्राम पर बहुत गर्व है. हकीम त्राबेल्सी जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ संग्राम ने दिल और रणनीतिक अनुशासन से मुकाबला किया. उन्होंने समय-समय पर डिफेंसिव होकर अपनी रेसलिंग क्षमता का बेहतरीन उपयोग किया और मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा.
फरवरी 2025 से नेटवर्क 18 समूह में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में एक दशक का अनुभव. बतौर रिपोर्टर कई नेशनल-इंटरनेशनल इवेंट के साक्षी. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से करियर की शुरुआत. जागरण न्यू मीडिया…और पढ़ें
फरवरी 2025 से नेटवर्क 18 समूह में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में एक दशक का अनुभव. बतौर रिपोर्टर कई नेशनल-इंटरनेशनल इवेंट के साक्षी. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से करियर की शुरुआत. जागरण न्यू मीडिया… और पढ़ें


