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Sambhal News: राहुल गांधी के ‘इंडियन स्टेट’ बयान पर संभल की अदालत ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा. 7 नवंबर को आदेश आएगा. शिकायतकर्ता ने बयान को देश विरोधी बताते हुए एफआईआर की मांग की, जबकि राहुल के वकील ने इसे लोकतांत्रिक आलोचना बताया.
Sambhal News: राहुल गांधी पर संभल कोर्ट का फैसला सुरक्षित दरअसल, 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन समारोह के राहुल गांधी ने अपने संबोधन में केंद्रीय सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था, “हमारी लड़ाई केवल भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि भारतीय राज्य व्यवस्था से है.” लेकिन हिंदू शक्ति दल की राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने इसे देश विरोधी करार देते हुए चंदौसी की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में 23 जनवरी को शिकायत दर्ज की.
गुप्ता ने अदालत में तर्क दिया कि यह बयान न केवल संविधान का अपमान है, बल्कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ है. उन्होंने कहा, “राहुल गांधी का यह कथन पूरे राष्ट्र की भावनाओं को आहत करता है. मैंने पहले संभल के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया.” शिकायत में भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए (समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाना) और 505 (जनता में भय पैदा करना) के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी.
कई तारीखों के बाद अंतिम चरण
मार्च में संभल जिला न्यायालय ने राहुल गांधी को समन जारी किया था, जिसके बाद अप्रैल में जवाब दाखिल करने का आदेश आया. मई में नोटिस जारी होने के बाद अगस्त में सुनवाई सितंबर तक टल गई थी. मंगलवार को चंदौसी जिला न्यायालय में अंतिम सुनवाई हुई, जहां राहुल गांधी के वकील ने बयान को राजनीतिक संदर्भ में रखते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक आलोचना का हिस्सा था, न कि कोई राजद्रोह. उन्होंने दावा किया कि बयान का संदर्भ गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में आता है. दूसरी ओर, शिकायतकर्ता के वकील ने वीडियो सबूत पेश कर तर्क दिया कि बयान ने जनता में असमंजस पैदा किया और राष्ट्र विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया. एडीजे आरती फौजदार ने दोनों पक्षों को पर्याप्त समय देकर दलीलें सुनीं और फैसला सुरक्षित रख लिया. अदालती सूत्रों के अनुसार, 7 नवंबर को होने वाली सुनवाई में या तो एफआईआर दर्ज करने का आदेश होगा या शिकायत खारिज की जाएगी.

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें
अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार… और पढ़ें



