
राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट ने आर्थिक तंगी से जूझ रही मां की मदद की।
संवाददाता। राजन जायसवाल।
सोनभद्र। ओबरा में एक मां, श्रीमती ममता, अपने पति को खोने के बाद आर्थिक संकट से जूझ रही थीं उनकी दो बेटियों शिवकन्या गुप्ता (कक्षा 2) और सृष्टि गुप्ता (कक्षा 7) की पढ़ाई रुकने का खतरा था। अपनी समस्या लेकर श्रीमती ममता ने राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद पटेल दयालु से मुलाकात की। दयालु ने तुरंत उनकी मदद का आश्वासन दिया। आनंद पटेल दयालु ने घोषणा की कि जब तक श्रीमती ममता आत्मनिर्भर नहीं हो जातीं, तब तक उनकी दोनों बेटियों की शिक्षा का पूरा खर्च संस्था उठाएगी। उन्होंने कहा कि इन बच्चियों की शिक्षा किसी भी हाल में रुकनी नहीं चाहिए। ट्रस्ट की पहल पर यह निर्णय लिया गया कि बच्चियों की आधी फीस राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट वहन करेगा, जबकि शेष आधी फीस की जिम्मेदारी विद्यालय निभाएगा। इस कदम का उद्देश्य बेटियों को निडर होकर आगे बढ़ने में मदद करना है। आनंद पटेल दयालु ने बताया कि राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा गरीबी या प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। इस नेक कार्य के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महताब आलम, राष्ट्रीय योग गुरु झल्लन शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष कनौजिया, शरीफ खान, बच्चियों की मां श्रीमती ममता और कैरियर कॉन्वेंट के प्रधानाचार्य दीनानाथ शर्मा उपस्थित रहे।भावुक होकर श्रीमती ममता ने कहा, “आज मुझे लगा कि इंसानियत अभी जिंदा है। आनंद पटेल दयालु जैसे लोग समाज के सच्चे नेता हैं, जो न सिर्फ सुनते हैं, बल्कि कदम बढ़ाकर मदद भी करते हैं।” श्रीमती ममता ने ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि ऐसे संवेदनशील समाजसेवियों के कारण ही यह उम्मीद जगती है कि बच्चे हर हाल में पढ़ेंगे और समाज को सशक्त बनाएंगे।
