पिछले टूर्नामेंट में भी चार भारतीयों ने क्वालीफाई किया था लेकिन रोहित चोट के कारण बाहर हो गए थे. भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) की सीनियर चयन समिति की बैठक के बाद भारतीय टीम का चयन किया गया पांच महिलाएं भी शामिल हैं. भारत ने 2023 में हंगरी में हुए पिछले टूर्नामेंट में 28 एथलीट भेजे थे जिनमें सात रिले धावक शामिल थे. इस बार देश किसी भी रिले स्पर्धा के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाया. चोपड़ा ने 2023 में बुडापेस्ट में स्वर्ण पदक जीता था और इस बार भी उनके अलावा किसी अन्य भारतीय के पास पदक जीतने का कोई वास्तविक मौका नहीं है.
एएफआई के प्रवक्ता आदिल सुमारिवाला ने वर्चुअल मीडिया बातचीत में कहा,‘साबले, अक्षदीप और नंदिनी टीम में नहीं हैं क्योंकि वे चिकित्सकीय रूप से फिट नहीं हैं.’ गत चैंपियन होने के कारण 27 वर्षीय चोपड़ा ने वाइल्ड कार्ड से विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया जिससे तीन अन्य भारतीयों के उनके साथ जुड़ने का रास्ता साफ हुआ. किसी भी देश को प्रतिस्पर्धा में अधिकतम तीन प्रतिभागियों को शामिल करने की अनुमति है लेकिन यदि कोई खिलाड़ी वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रतियोगिता में जगह बनाता है तो यह संख्या चार हो सकती है.
इसके बाद सदस्य देशों ने वैश्विक संस्था को अपने एथलीटों के नाम वापस लेने की सूचना दी और इस प्रकार खाली हुए स्थानों को विश्व रैंकिंग में अगले स्थान पर रहने वाले एथलीटों द्वारा भर दिया गया.
पुरुष: नीरज चोपड़ा, सचिन यादव, यशवीर सिंह और रोहित यादव (पुरुष भाला फेंक), मुरली श्रीशंकर (पुरुष लंबी कूद), गुलवीर सिंह (पुरुष 5,000 मीटर और 10,000 मीटर), प्रवीण चित्रावेल और अब्दुल्ला अबुबाकर (पुरुष त्रिकूद), सर्वेश अनिल कुशारे (पुरुष ऊंची कूद), अनिमेष कुजूर (पुरुष 200 मीटर), तेजस शिरसे (पुरुष 110 मीटर बाधा दौड़), सर्विन सबेस्टियन (पुरुष 20 किमी पैदल चाल), राम बाबू और संदीप कुमार (पुरुष 35 किमी पैदल चाल).
महिलाएं: पारुल चौधरी और अंकिता ध्यानी (महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज), अन्नू रानी (महिलाओं की भाला फेंक), प्रियंका गोस्वामी (महिलाओं की 35 किमी पैदल चाल), पूजा (महिलाओं की 800 मीटर और 1500 मीटर).


