
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
सोनभद्र। जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो नगर पालिका की लापरवाही और अधूरे काम की कहानी बयां कर रही है। तेज बरसात में सड़कों पर नाले का गंदा पानी बह रहा है, हालात ऐसे कि लोगों के घर से निकला दूभर हो गया है। करोड़ों की लागत से बन रहा नाला 5 साल में भी पूरा नहीं हुआ और अब इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। रॉबर्ट्सगंज नगर के बाजार और रिहायशी इलाकों में बारिश ने कहर बरपा दिया। गंदे नाले का पानी सड़कों से होते हुए घरों में घुस आया। घर में रखा अनाज, कपड़े और जरूरी सामान पानी में भीगकर खराब हो गया। हालात इतने बदतर हैं कि सड़क पर 3 फीट तक नाले का गंदा पानी भर गया है। जानकारी के मुताबिक, इस नाले का निर्माण 5 साल से चल रहा है पहले लागत 22 करोड़ तय हुई, जो अब बढ़कर 37 करोड़ हो चुकी है लेकिन काम अब भी अधूरा है। नाला अधूरा होने से बरसात के पानी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, और नगर पालिका के चेयरमैन, अधिकारी व कर्मचारी हाथ खड़े कर चुके हैं। स्थानीय रहवासियों ने बताया कि कई स्थान पर नाले की समुचित सफाई का न होना और पर्याप्त जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से हम लोगों के घरों में नाले का गंदा पानी घुस रहा जिससे खासी समस्याओं से जूझना मजबूरी बन गया है। जबकि नगर पालिका द्वारा हर बार इस समस्या से निजात का दावा जरूर किया जाता है किंतु हकीकत कभी इस दावे की नहीं दिखाई दी अब तक। बताते चलें कि नगर मुख्यालय पर जिले के सभी आला अधिकारियों का हमेशा आना जाना होता है। जनपद की एक मात्र नगर पालिका में यह स्थिति कहीं न कहीं विकास के दावे की यहां हकीकत दिखाने के लिए काफी है। वाराणसी – शक्तिनगर राज मार्ग की स्थिति भी इस पानी के बाद पूरी तरह से खस्ता दिखाई दी जहां राज्य मार्ग पर घुटने भर पानी बहता नजर आया। राबर्ट्सगंज स्वर्ण जयंती चौक पर बने ओवर ब्रिज के नीचे पानी भरा रहा जहां इसी मार्ग पर जिले के कई बड़े अस्पताल और इसी मार्ग से विद्यालय जाने का रास्ता है। जल जमाव की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चे हों चाहे अस्पताल आने वाले मरीज या तीमरदार हर किसी को इस समस्या से जूझना पड़ रहा।

