10 अगस्त 2025, रविवार का दिन, राखी का त्यौहार था. अजमेर के सिलोरा में रहने वाला रोहित जो भाजपा का मंडल महामंत्री था. वह अपनी पत्नी संजू के साथ बाइक पर ससुराल रलावता गया था. संजू को अपने भाइयों को राखी बांधनी थी. दोपहर का वक्त था और दोनों खुशी-खुशी घर लौट रहे थे. लेकिन रास्ते में अचानक कुछ लोग सामने आए. जिन्होंने उन्हें रोका और लूटपाट की कोशिश की. जब संजू ने विरोध किया तो उन बदमाशों ने उसका गला चाकू से रेत दिया. रोहित को धक्का देकर एक गड्ढे में गिरा दिया गया. जब तक लोग वहां पहुंचे संजू की सांसें थम चुकी थीं. रोहित अपनी पत्नी की लाश के पास बैठा दहाड़े मारकर रो रहा था. उसकी हालत देखकर हर किसी का दिल पसीज गया. आसपास के लोग गुस्से में आ गए और अपराधियों को पकड़ने की मांग करने लगे.
पुलिस मौके पर पहुंची. पहले तो सबको यही लगा कि ये लूटपाट का मामला है. लेकिन पुलिस को कुछ बातें खटकने लगीं. पहली बात अगर लुटेरे थे तो संजू के गहने वहीं पड़े थे. लुटेरों ने कुछ नहीं लिया. दूसरी बात आमतौर पर ऐसी वारदातों में पति पर हमला होता है क्योंकि वो सामने से भिड़ता है. लेकिन यहां सिर्फ संजू को टारगेट किया गया था. पुलिस का शक गहरा गया.
जब पुलिस ने रोहित से पूछताछ शुरू की, तो उसके बयान बार-बार बदल रहे थे. फिर पुलिस ने उसका मोबाइल चेक किया. मोबाइल की कॉल डिटेल्स ने सारा राज खोल दिया. असल में रोहित का किसी और लड़की से अफेयर चल रहा था. संजू को इस बात का पता था और वो इसका विरोध करती थी. रोहित ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर संजू के कत्ल की साजिश रची थी. वो रोने का नाटक कर रहा था लेकिन असल में वही कातिल था. ये सच सुनकर हर कोई सन्न रह गया.
UP में एक पति का कत्ल
वहीं यूपी के शामली में 7 अगस्त 2025 को एक और दिल दहलाने वाली घटना हुई. शहनवाज जो फर्नीचर का कारोबार करता था अपनी पत्नी महफरीन के साथ बाइक पर खुरगान जा रहा था. खुरगान में महफरीन के ममेरे भाई की शादी थी. रास्ते में कुछ लोगों ने उनकी बाइक रोकी. शहनवाज ने बताया कि वो लुटेरे थे जो उनके बैग में रखे पैसे छीनना चाहते थे. जब शहनवाज ने विरोध किया तो उन लोगों ने चाकुओं से उस पर हमला कर दिया. महफरीन अपनी आंखों के सामने पति को तड़पता देख रही थी. वो चीख रही थी, रो रही थी, बार-बार बेहोश हो रही थी. जब तक लोग आए और शहनवाज को अस्पताल ले गए तब तक उसकी जान जा चुकी थी.
पुलिस ने जांच शुरू की, पहले तो लगा कि शायद लुटेरों ने नोटों की माला के लिए कत्ल किया. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कहानी को नया मोड़ दे दिया. शहनवाज के शरीर पर सिर्फ चाकू के निशान ही नहीं थे बल्कि उसे गोली भी मारी गई थी. साथ ही उसकी बॉडी पर मारपीट के निशान थे. पुलिस को शक हुआ कि ये लूटपाट नहीं बल्कि कत्ल था.
जब पुलिस ने महफरीन से पूछताछ की तो उसने बयान देने से मना कर दिया. इससे पुलिस का शक और बढ़ गया. फिर पुलिस ने महफरीन का मोबाइल चेक किया और पास के सीसीटीवी फुटेज देखे. मोबाइल की कॉल डिटेल्स से पता चला कि महफरीन का अपने दूर के रिश्तेदार तसव्वुर के साथ अफेयर था. दोनों दिन-रात फोन पर बात करते थे. सीसीटीवी में तसव्वुर के साथी उस जगह के आसपास दिखे जहां कत्ल हुआ था.
पुलिस को ये भी पता चला कि महफरीन ने कत्ल से पहले तसव्वुर को अपनी लोकेशन शेयर की थी. उसने कोडवर्ड में बात की थी, जैसे ‘मंजिल आने वाली है’ , ‘पुल पार करो’, ‘थोड़ा इंतजार करो’. शहनवाज को अपनी पत्नी के अफेयर का पता था और वो इसका विरोध करता था. इसीलिए महफरीन ने तसव्वुर के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची.
देखा जाए तो दोनों ही कहानी एक ही जैसी हैं. दोनों ही वाकयों में इल्जाम लूटपाट के लिए कत्ल का है. फिलहाल, पुलिस ने करीब पांच सौ किलोमीटर के फासले पर दो अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर हुई कत्ल की दो वारदातों का खुलासा तो कर दिया है, लेकिन इन वारदातों में जिस तरह पति-पत्नी ही अपने-अपने पति-पत्नियों के कत्ल के मास्टरमाइंड निकले हैं, उसने साबित कर दिया है कि अब लोग अपनी जायज-नाजायज ख्वाहिशों को पूरा करने के लिए किस तरह कभी भी किसी भी जान लेने लगे हैं.