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Sports Bill Passes in Lok Sabha Sports : लंबे समय से जिस राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक (National Sports Governance Bill) का इंतजार हो रहा था वो सोमवार को लोकसभा में पास हो गया. खेल मंत्री ने इसे आजादी के बाद भारतीय…और पढ़ें
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया मंडाविया ने विपक्षी सदस्यों के नारेबाजी के बीच कहा, “यह भारत के खेल में बहुत महत्वपूर्ण होगा. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक और सुधार में विपक्ष की भागीदारी नहीं है.”
इससे पहले संसदीय खेल समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक को समिति को भेजने का अनुरोध किया. उन्होंने महसूस किया कि विधेयक को संसद में लेने से पहले जांच और चर्चा की जानी चाहिए. मंडाविया ने कहा कि ये दो विधेयक “पारदर्शी, जवाबदेह और विश्व स्तरीय खेल पारिस्थितिकी तंत्र” बनाने के लिए प्रमुख सुधार हैं, क्योंकि देश 2036 ओलंपिक के लिए बोली लगाने का लक्ष्य रखता है.
मंत्री ने विधेयक की यात्रा की समयरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा, “1975 से प्रयास किए गए हैं और 1985 में हमारे पास पहला मसौदा था. लेकिन खेलों को भी व्यक्तिगत लाभ के लिए राजनीतिक किया गया. कुछ मंत्रियों ने इस विधेयक को लाने के प्रयास किए लेकिन आगे नहीं बढ़ सके. 2011 में हमारे पास एक राष्ट्रीय खेल कोड था. इसे विधेयक में बदलने का एक और प्रयास किया गया. यह कैबिनेट तक पहुंचा चर्चा भी हुई लेकिन उसके बाद विधेयक स्थगित कर दिया गया. यह संसद तक नहीं पहुंचा. राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक परिवर्तन की शक्ति है…इतने बड़े देश होने के बावजूद ओलंपिक खेलों और अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारा प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है. यह विधेयक भारत की खेल क्षमता को बढ़ाने का लक्ष्य रखता है.”
15 साल से ज्यादा वक्त से खेल पत्रकारिता से सक्रिय. Etv भारत, ZEE न्यूज की क्रिकेट वेबसाइट में काम किया. दैनिक जागरण वेबसाइट में स्पोर्ट्स हेड रहा. ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, क्रिकेट और फुटबॉल वर्ल्ड कप कवर किया. अक्टूब…और पढ़ें
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