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Cauliflower farming Tips : वैसे तो फूलगोभी की खेती साल के किसी भी महीने में की जा सकती है लेकिन ठंड़ के दिनों में बाजार में फूलगोभी की मांग बढ़ जाती है ऐसे में अगर आप भारी बारिश के इस मौसम में फूलगोभी की खेती करे…और पढ़ें
कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात उद्यान वैज्ञानिक डॉ महेश कुमार ने बताया कि फूलगोभी की रोपाई से पहले किसान अच्छी तरह से नर्सरी तैयार करें. अगर स्वस्थ नर्सरी होगी तभी किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा. किसान वैज्ञानिक विधि अपनाएं. वैज्ञानिक विधि से तैयार की हुई नर्सरी के पौधे स्वस्थ होंगे किसानों को फसल से अच्छा उत्पादन मिलेगा.
ज्यादातर किसान पारंपरिक तरीके से फूलगोभी की नर्सरी तैयार करते हैं. किसान खेत की जुताई करने के बाद क्यारी बनाकर फूलगोभी का बीज की रोपाई कर देते हैं. बारिश के मौसम में अगर किसान इस विधि से नर्सरी तैयार करते हैं. नर्सरी खराब हो सकती है. क्योंकि जल भराव होने से नर्सरी के पौधे सड़ सकते हैं. ऐसे में किसान बेड बनाकर फूलगोभी की नर्सरी तैयार करें.
ऐसे करें जुलाई में फूलगोभी की खेती
खेत को अच्छे से तैयार करने के बाद 3 मीटर लंबा और 1 मीटर चौड़ा बेड बना लें. बेड की ऊंचाई करीब 15 सेंटीमीटर रखें. जहां नर्सरी तैयार कर रहे हों वहां जल निकासी अच्छी होनी चाहिए. बेड बनाने के लिए किसान वर्मी कंपोस्ट और नदी की बालू का इस्तेमाल करें. इन दोनों चीजों को मिट्टी में मिलाकर ही बेड तैयार करें. बालू मिलने से मिट्टी की जल्द धारण क्षमता बढ़ेगी और नर्सरी का जमाव भी अच्छा होगा. जब बेड तैयार हो जाए तो किसी अच्छी किस्म का बीज लेकर उसे शोधित करें.
कैसे करें बीज का शोधन?
किसी भी फसल की बुवाई करने से पहले बीज शोधन करना बहुत जरूरी है. बीज को उपचारित करने के बाद अगर फसल की बुवाई करते हैं. फसल में रोग और कीट कम आते हैं. फूलगोभी की नर्सरी उगाते समय भी किसानों को बीज उपचार कर लेना चाहिए. बीज शोधित करने के लिए 2 से 2.5 ग्राम कार्बेंडाजिम को प्रति 1 किलो बीज में लगा सकते हैं. बीज शोधन करने से नर्सरी स्वस्थ होगी. कोई कीट या रोग नहीं आएंगे.
