24 साल के हरिकृष्णन ने शुक्रवार को फ्रांस के ला प्लेन अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव में अपना तीसरा ग्रैंडमास्टर नॉर्म हासिल किया और देश के 87वें ग्रैंडमास्टन बने, जिससे मोहनराज की खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योंकि कुछ महीनों के भीतर उनकी अकादमी के दो खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर बने.
श्रीहरि एल आर भारत के 86वें ग्रैंडमास्टर थे और अब हरिकृष्णन ने यह उपलब्धि हासिल की है.
उन्होंने कहा, ‘यह मेरे और हरिकृष्णन, दोनों के लिए बड़ी राहत की बात है क्योंकि उन्होंने लगातार दो ग्रैंडमास्टर नॉर्म गंवा दिए थे.’
उन्होंने कहा, ‘वह मेरे पास 2022 में शायद अक्टूबर के अंत में आया. वह बहुत ही मजबूत अंतरराष्ट्रीय मास्टर था. उसी समय मेरी अकादमी में नियमित शिविर में अधिक अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स आने लगे थे. हरिकृष्णन आने वाले शुरुआती लोगों में से एक थे. फिर धीरे-धीरे लगभग 10-15 उनके जैसे स्तर के और लोग भी जुड़ गए.’
मोहनराज का मानना है कि हरिकृष्णन को अब 2550-2600 की रेटिंग का लक्ष्य रखना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘निकट भविष्य में मुझे उम्मीद है कि वह 2550 और 2600 रेटिंग को पार कर जाएगा और फिर प्रेरणा के आधार पर देखते हैं कि वह कैसा प्रदर्शन करता है क्योंकि प्रेरणा ही (इस उम्र में) सबसे महत्वपूर्ण कारक है.’


