
ब्यूरो रिपोर्ट नई दिल्ली।
गरुड़झेप अभियान से जुड़कर डॉ.अभिषेक वर्मा बने राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक आगामी “आगरा से राजगढ़ यात्रा” को लेकर उत्साह चरम पर।
दिल्ली। आज दिनांक 27 जून 2025 को गरुड़झेप संस्था के पदाधिकारीगण डॉ. अभिषेक वर्मा जी के दिल्ली स्थित आवास पर विशेष रूप से पहुंचे। इस अवसर पर गरुड़झेप अभियान के संस्थापक मारुति गोले जी, स्नेहल करमरकर (उपराज्य प्रमुख, शिवसेना उत्तर प्रदेश एवं गरुड़झेप अध्यक्ष उत्तर प्रदेश) शिवम् शर्मा (महानगर प्रमुख, शिवसेना आगरा एवं गरुड़झेप सचिव उत्तर प्रदेश) तथा बृजेश यादव (उपाध्यक्ष, शिवसेना उत्तर प्रदेश, आगरा) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इस गरिमामयी अवसर पर डॉ. अभिषेक वर्मा को गरुड़झेप अभियान का “राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक” नियुक्त किया गया। संस्था की ओर से उन्हें वीर शिवाजी महाराज के प्रतीक चिह्न और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह आयोजन आगामी “आगरा से राजगढ़” पैदल यात्रा की पृष्ठभूमि में किया गया जो 16 अगस्त 2025 को दिल्ली से प्रारंभ होकर 29 अगस्त 2025 को राजगढ़ पहुंचेगी।
डॉ. वर्मा ने इस सम्मान और जिम्मेदारी के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि “वीर शिवाजी महाराज के शौर्य और स्वाभिमान की इस स्मृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है, मैं इस अभियान में पूर्ण निष्ठा के साथ सहयोग करूँगा और इसकी सफलता हेतु तन-मन से प्रयासरत रहूँगा।
इस अवसर पर गरुड़झेप के संस्थापक मारुति गोले एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्नेहल करमरकर ने डॉ. वर्मा के इस नई जिम्मेदारी को स्वीकारने के निर्णय का स्वागत किया। श्री मारुती गोले ने कहा, “डॉ. अभिषेक वर्मा जैसे राष्ट्रवादी और सनातन धर्म के प्रति समर्पित व्यक्ति का गरुड़झेप अभियान से जुड़ना इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।”
वहीं कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने “आगरा से राजगढ़ यात्रा” को सफल बनाने हेतु एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
यह अभियान 1477 किलोमीटर लंबी पदयात्रा के माध्यम से शिवाजी महाराज के साहसिक “गुप्त पलायन” की स्मृति को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है जिसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के 75 शहरों से होते हुए यह यात्रा निकाली जाएगी।

