Last Updated:
Chitrakoot News : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में आई बाढ़ को 25 दिन बीत गए हैं, लेकिन उसका असर अब भी देखने को मिल रहा है. लोगों से जब लोकल 18 ने जमीनी हकीकत जानी तो दिल सा टूट गया. उनका दुख सिर्फ उन तक सीमित नहीं था. वह दूसरों के लिए भी उतने ही दुखी थे.
चित्रकूट : यूपी के कई शहरों में इस बार बाढ़ का कहर देखा गया. इसमें प्रभु श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट भी शामिल है. बीते अगस्त महीने में आई भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया था. ग्रामीण इलाकों से लेकर धर्मनगरी के सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल रामघाट तक असर देखने को मिला. जिस रामघाट और मां मंदाकिनी के किनारे सुबह होते ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक नजर आते थे, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है. घाट की रौनक फीकी पड़ गई है और जगह-जगह बाढ़ से हुई तबाही के निशान दिखाई दे रहे हैं.
बाढ़ का पानी उतरने के बाद लोकल 18 की टीम करीब 20 दिन बाद चित्रकूट के रामघाट पहुंची. यहां घाट की स्थिति पहले से बिल्कुल अलग नजर आ रही है. घाट के आसपास अभी भी असर साफ दिखाई दे रहा है. बाढ़ के पानी ने घाट पर मौजूद कई दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया था. इसके कारण कुछ दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि 80% दुकानदार अभी तक अपनी दुकानें खोल नहीं पाए हैं. बाढ़ के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भी काफी कमी आई है. घाट पर अब गिने-चुने लोग ही नजर आ रहे हैं.
दुकानदार बोले- सामान बह गया
रामघाट के दुकानदार छेदी लाल ने लोकल 18 को बताया कि बाढ़ से उनकी दुकान का सारा सामान बह गया. यहां तक कि घाट पर मौजूद कई और दुकानें भी टूट गईं. कई दुकानदार अभी तक बाढ़ के नुकसान से निकल नहीं पा रहे हैं. रामघाट की रौनक पूरी तरह खत्म हो गई है. श्रद्धालुओं और पर्यटकों में भी डर का माहौल है. इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि रामघाट पर पहले जैसी रौनक लौटने में कम से कम 5 से 6 महीने का समय लग सकता है.
मंदिर और घाट भी हुए क्षतिग्रस्त
वहीं तोता मुखी हनुमान मंदिर के पुजारी मोहित दास ने लोकल 18 को बताया कि चित्रकूट में आई बाढ़ ने मठ, मंदिर, घाट और दुकानों को काफी नुकसान पहुंचाया है. लगातार बढ़े जलस्तर के कारण घाट के आसपास कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. बाढ़ से चित्रकूट के पर्यटन पर भी असर पड़ा है. उन्होंने आगे कहा कि बाढ़ के बाद घाट की रौनक काफी फीकी पड़ गई है और पर्यटकों की संख्या भी कम हुई है. हालांकि, मुख्यमंत्री के चित्रकूट दौरे के बाद क्षतिग्रस्त घाटों के पुनर्निर्माण का काम शुरू हुआ है. उनका मानना है कि आने वाली है दीपावली पर्व पर चित्रकूट की रौनक एक बार फिर से वापस लौट आएगी.
About the Author

Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
और पढ़ें



