प्रयागराज के कई मोहल्लों में बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर लोग शिकायत भी कर रहे हैं। लेकिन धरपकड़ की जगह वन विभाग और नगर निगम अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर वापस लौटा दिया जा रहा है।
UP News: प्रयागराज के कई मोहल्लों में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। आए दिन बंदरों के झुंड घरों की छतों और गलियों में पहुंचकर उत्पात मचा रहे हैं। जार्जटाउन में कर्नलगंज इंटर कॉलेज के पास कई परिवार चार साल से बंदरों का आतंक झेल रहे हैं। नगर निगम परिसर में भी अक्सर बंदरों का हमला होता रहता है। लेकिन धरपकड़ की जगह वन विभाग और नगर निगम अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
बंदरों के आतंक की शिकायत नगर निगम में पहुंचती है। इनको पकड़ने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन धरपकड़ नहीं होती। राजरूपुर के साईं अपार्टमेंट के आसपास बंदरों का झुंड इंटरनेट का केबल तोड़ दे रहे हैं। सड़कों के बीच बैठने से आवागमन बाधित हो जाता है। ये घरों में घुसकर खाद्य सामग्री उठा ले जाने के साथ सामान को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार लोगों को बंदरों के झुंड से बचने के लिए घरों में कैद होकर रहना पड़ता है। बंदरों को पकड़ने के लिए लोग शिकायत करते हैं, लेकिन धरपकड़ नहीं हो रही। हर बार लोगों को नगर निगम और प्रशासन से बंदरों को पकड़ने का आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है।
इस संकट के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि बंदरों को पकड़े कौन? बंदरों को पकड़ने को लेकर नगर निगम और वन विभाग सीधे पल्ला झाड़ रहे हैं। नगर निगम का तर्क है कि बंदर वन्य जीव की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उन्हें पकड़ने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। दूसरी ओर वन विभाग संसाधनों और पर्याप्त व्यवस्था का अभाव बताते हुए बंदरों को पकड़ने से पीछे हट जाता है। विभागों की इस खींचतान का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। जिलाधिकारी के यहां शिकायत के बाद भी नगर निगम या वन विभाग ने बंदरों को पकड़ने के लिए कुछ नहीं किया।
लोगों की शिकायतें एक-दूसरे को भेजते हैं विभाग
बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम के साथ वन विभाग में भी शिकायत पहुंचती है। दोनों विभाग शिकायतों को एक-दूसरे के पास भेज देते हैं। नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि शहर से बंदरों को पकड़े भी तो छोड़ें कहां। वन विभाग ने आसपास कोई जंगल ही चिह्नित नहीं किया। बंदरों को छोड़ने के लिए जगह चिह्नित कर ली जाए तो वन विभाग का सहयोग किया जा सकता है।
यहां है बंदरों का आतंक
दारागंज, झूंसी, सिविल लाइंस, कीडगंज, गोविंदपुर, जोंधवल, कर्नलगंज, प्रयाग स्टेशन, फाफामऊ स्टेशन, राजरूपपुर में बंदरों का आतंक है। नगर निगम के पशुधन अधिकारी डॉक्टर विजय अमृतराज का कहना है कि बंदर वन्य जीव हैं और इनको पकड़ना वन विभाग की जिम्मेदारी है, लेकिन वन विभाग शहरी क्षेत्र में यह काम नगर निगम को सौंपना चाहता है। अभी तक किसी भी आदेश में नगर निगमों को बंदरों को पकड़ने के लिए नहीं कहा गया। शासन इस संबंध में आदेश जारी करने वाला है। उसी का इंतजार कर रहे हैं।



