रेलवे ने मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 महाकुम्भ के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए जहां रेलवे 100 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रहा है, वहीं सुरक्षा और सुविधा के भी हाईटेक इंतजाम किए जाएंगे।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकुम्भ सिंहस्थ 2028 में 30 करोड़ों से अधिक की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए अब रेलवे 100 से 125 स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी में है। रेलवे बोर्ड अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने रविवार शाम उज्जैन पहुंचकर इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में रेलवे विकास एवं निर्माण कार्यों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त ट्रेनें चलाई जाएंगी।
सतीश कुमार ने कहा कि रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं, साथ ही यह भी कोशिश की जाएगी कि श्रद्धालुओं पर किराये का अतिरिक्त बोझ न पड़े। स्पेशल ट्रेनों को चलाने के लिए स्टेबलिंग लाइन, रखरखाव और पानी जैसी सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं। रेलवे स्थानीय प्रशासन और कलेक्टर के साथ मिलकर तैयारियों को आगे बढ़ा रहा है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने की कार्यों की समीक्षा
उज्जैन रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के पश्चात अवंतिका होटल, उज्जैन में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पाण्डेय की उपस्थिति में संबंधित अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में रेलवे द्वारा किए जा रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों तथा यात्री सुविधाओं से संबंधित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में विक्रम नगर रेलवे स्टेशन पर उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया को रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने क्षेत्र में चल रहे रेलवे के विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। इस दौरान सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा की जा रही तैयारियों एवं प्रस्तावित कार्यों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई।
सभी काम समय पर पूरा करने के निर्देश
बैठक में विशेष रूप से सिहस्थ मेले के दौरान संभावित अत्यधिक यात्री दबाव को ध्यान में रखते हुए स्टेशन क्षमता में वृद्धि, यात्री सुविधाओं का विस्तार, यात्री आवागमन एवं प्रबंधन, परिचालन व्यवस्था तथा आवश्यक अधोसंरचना के समयबद्ध विकास पर जोर दिया गया, सिंहस्थ-2028 जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान रेलवे की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। इसलिए उज्जैन एवं आसपास के सभी संबंधित स्टेशनों पर आवश्यक सुविधाओं एवं अधोसंरचना को समय रहते विकसित किया जाना आवश्यक है, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं बेहतर रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे सभी कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता, सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होने देने के निर्देश दिए।
एआई वाले सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
चेयरमैन सतीश कुमार ने उज्जैन में पत्रकारों को बताया कि सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन मंडल के मुख्य स्टेशनों पर काम तेजी से चल रहा है। जून 2025 के निरीक्षण के बाद यार्ड रीमॉडलिंग का काम तय समय पर पूरा हो गया है। अब सभी प्लेटफॉर्म पर 24 कोच की लंबी ट्रेनें किसी भी दिशा से आ-जा सकेंगी। स्टेशन पर 6 मीटर और 12 मीटर चौड़े दो फुट ओवरब्रिज (FOB) बनाए जा रहे हैं। दूसरी एंट्री पर करीब 15 से 20 हजार वर्गमीटर का होल्डिंग एरिया तैयार किया जा रहा है। स्टेशन भवन और बाकी जरूरी सुविधाओं का निर्माण भी जारी है। विक्रम नगर समेत अन्य स्टेशनों के फुट ओवरब्रिज और विकास कार्य अगले 9 से 10 महीनों में पूरे करने का लक्ष्य है। सुरक्षा व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जा रहा है। स्टेशनों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी और बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
रिपोर्ट – विजेन्द्र यादव



