इंदौर में खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताने वाले एक 28 वर्षीय युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने रुतबा दिखाने के लिए फर्जी नेम प्लेट लगा रखी थी।
इंदौर में खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताकर रौब जमाने वाले 28 साल के शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर मकान पर ‘IAS RAJ SONI – District Collector’ की फर्जी नेम प्लेट तक लगा रखी थी। पुलिस को सूचना मिलने के बाद जब उससे पदस्थापना और IAS अधिकारी होने के दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पूछताछ में उसने अपना वास्तविक नाम हिमांशु पांचाल बताया।
2 सितंबर को मिली सूचना के बाद ऐक्शन
थाना लसूड़िया पुलिस को सूचना मिली थी कि ओमेक्स सिटी-1 स्थित मकान नंबर 1565-ए, शुभ आंगन प्रीमियम में रहने वाला युवक खुद को IAS अधिकारी बताता है। उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी को पुलिस ने गंभीरता से लिया। आरोपी आईएएस अधिकारी होने का प्रभाव दिखाकर लोगों पर रौब जमाता था।
खुद को राज सोनी, जिला कलेक्टर बताता था
एसीपी पराग सैनी और थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार यादव के निर्देशन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मकान मालिक और किरायेदारों से पूछताछ के दौरान पता चला कि ऊपरी हिस्से में रहने वाला युवक खुद को राज सोनी और जिला कलेक्टर बताता है।
दस्तावेज मांगे तो बदलने लगा बयान
पुलिस ने युवक से उसका नाम, पदस्थापना और IAS अधिकारी होने से संबंधित दस्तावेज मांगे। वह कोई ठोस प्रमाण नहीं दे सका। पूछताछ में वह बयान भी लगातार बदलता रहा। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना असल नाम हिमांशु पांचाल पिता योगेश पांचाल, उम्र 28 वर्ष बताया।
गुजरात का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मूल रूप से अहमदाबाद, गुजरात का रहने वाला है। वह इंदौर के ओमेक्स सिटी में किराये पर रह रहा था।
रुतबा बढ़ाने के लिए बताता था IAS अधिकारी
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह IAS अधिकारी नहीं है। समाज में अपना रुतबा, प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ाने के लिए वह खुद को आईएएस अधिकारी और जिला कलेक्टर बताता था। इसी पहचान को दिखाने के लिए उसने घर पर फर्जी नेम प्लेट और प्रशासनिक अधिकारी से जुड़ी सामग्री लगा रखी थी।
घर से मिली फेक नेम प्लेट
पुलिस ने मौके से कई महत्वपूर्ण सामान जब्त किए हैं। इनमें ‘IAS RAJ SONI – District Collector’ लिखी काले रंग की फर्जी नेम प्लेट शामिल है। पुलिस को ‘IAS सत्यमेव जयते’ लिखा फोटो फ्रेम भी मिला है। पुलिस को ‘सत्यमेव जयते – कलेक्टर साहब’ लिखी सामग्री भी मिली है। आरोपी के पास से प्रशासनिक अधिकारी के रूप में खुद को प्रदर्शित करने वाले अन्य सामान मिले हैं।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस ने जब्त सामग्री और आरोपी की गतिविधियों के आधार पर थाना लसूड़िया में अपराध क्रमांक 1370/2026, धारा 204 भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की पूछताछ और विवेचना जारी है।
गुजरात में भी दर्ज है पुराना केस
पुलिस रिकॉर्ड की जांच में आरोपी से संबंधित अडालज थाना, जिला गांधीनगर, गुजरात का पुराना प्रकरण भी सामने आया है। वहां FIR क्रमांक 441/2026, दिनांक 23 मई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) और 318(2) के तहत मामला दर्ज होना पाया गया है।



