मध्य प्रदेश के मंदसौर में सुगनाबाई बंजारा ने 2024 में अपने चार बच्चों को कुएं में फेंक दिया था और खुद भी छलांग लगा दी थी। ग्रामीणों ने उसे बचा लिया, लेकिन चारों बच्चों की मौत हो गई। अब अदालत ने मां को सजा सुनाई है। जानिए क्या है पूरी कहानी।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में करीब दो साल पहले हुई दिल दहला देने वाली घटना में अदालत ने फैसला सुनाया है। एक मां ने अपने चार बच्चों को खेत में बने कुएं में फेंक दिया था और इसके बाद खुद भी कुएं में छलांग लगा दी थी। ग्रामीणों ने महिला को तो बचा लिया, लेकिन चारों बच्चों की मौत हो गई थी।
अब गरौठ की प्रथम अतिरिक्त सत्र अदालत ने महिला को चारों बच्चों की हत्या का दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई है। मामला गरौठ क्षेत्र के पिपलखेड़ा गांव का है। दोषी महिला की पहचान 40 वर्षीय सुगनाबाई बंजारा के रूप में हुई है।
पति से झगड़े के बाद उठाया था खौफनाक कदम
पुलिस के मुताबिक, घटना 13 और 14 जुलाई 2024 की रात की है। सुगनाबाई का अपने पति रोडसिंह बंजारा से विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि पति शराब के नशे में उसे परेशान करता था और उसके साथ मारपीट भी करता था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमलता कुरिल के मुताबिक, घटना वाली रात पति ने कथित तौर पर परिवार के साथ मारपीट की और बारिश के दौरान उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद सुगनाबाई अपने चारों बच्चों को लेकर रात गुजारने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र पहुंची।
सुबह बच्चों को लेकर खेत पहुंची
अगली सुबह सुगनाबाई अपने चारों बच्चों को लेकर खेत पहुंची। वहां उसने एक कुएं में अपने बच्चों को धकेल दिया। मृतकों में दो वर्षीय कार्तिक, चार वर्षीय मुस्कान, सात वर्षीय अनुष्का और नौ वर्षीय बंटी शामिल थे। बच्चों को कुएं में फेंकने के बाद सुगनाबाई ने भी उसमें छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने उसे कुएं से बाहर निकाल लिया, लेकिन चारों बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी।
बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी
पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ के दौरान बताया था कि वह अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी। एएसपी ने बताया कि महिला ने पति द्वारा लंबे समय से प्रताड़ित किए जाने और मारपीट की बात भी कही थी। सुगनाबाई और रोडसिंह की शादी को करीब 17 साल हो चुके थे।
इस मामले में पुलिस ने सुगनाबाई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया था। वहीं, पुलिस ने उसके पति के खिलाफ पत्नी के साथ क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया था।
कोर्ट ने चारों हत्याओं के लिए सुनाई उम्रकैद
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद गरौठ के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश निरंजन कुमार पंचाल ने मंगलवार को सुगनाबाई को चारों बच्चों की हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक बच्चे की हत्या के लिए अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई।
दो साल पहले हुई इस घटना ने घरेलू हिंसा और शराब के नशे में होने वाली प्रताड़ना के गंभीर परिणामों को सामने ला दिया था। अब अदालत के फैसले के बाद मामले में दोषी मां को उम्रकैद की सजा भुगतनी होगी।



