अधिकारियों ने बताया कि सिंगारे पिछले 14 महीने से बालाघाट में पदस्थ हैं। बालाघाट में छापेमारी का नेतृत्व कर रहे EOW के पुलिस उपाधीक्षक मनजीत सिंह ने बताया कि अदालत से अनुमति लेने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है।
मध्यप्रदेश आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने गुरुवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक कार्यपालन अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) के तीन ठिकानों पर छापेमारी की और 11 करोड़ रुपए से ज्यादा की बेहिसाब संपत्ति का पता लगाया। इस बारे में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि EOW की तीन टीमों ने सुबह करीब छह बजे बालाघाट स्थित कार्यपालन अभियंता कमल किशोर सिंगारे के सरकारी आवास के साथ ही छिंदवाड़ा और भोपाल स्थित उनके घरों पर एक साथ छापेमारी शुरू की और खबर लिखे जाने तक करीब 11 करोड़ रुपए की बेहिसाब संपत्ति का पता लगाया जा चुका था और कार्रवाई अब तक जारी थी।
खास बात यह है कि जांच एजेंसी ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत मिलने के बाद यह ऐक्शन लिया। इस बारे में सिविल कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने EOW से शिकायत की थी, जो कि अधिकारी की कमिशनखोरी से तंग आ चुके थे। जिसके बाद एजेंसी ने यह छापेमारी की। एजेंसी ने बताया कि सिंगारे और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर बैंकों में 12 खाते हैं, जिनमें जमा राशि का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
छिंदवाड़ा के फार्महाउस से भी मिले अहम दस्तावेज
एजेंसी ने बताया कि आरोपी अधिकारी के छिंदवाड़ा स्थित फार्महाउस में भी छापेमारी जारी है और वहां पर भी दस्तावेजों, आभूषणों, बैंक खातों व नकदी की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान सिंगारे और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कथित रूप से कई संपत्तियां और अन्य संपत्तियां मिली हैं।
छिंदवाड़ा में 3 करोड़ की जमीन व मकान, भोपाल में भी करोड़ों की प्रॉपर्टी
EOW ने बताया कि आरोपी अधिकारी के पास जिन संपत्तियों के होने का पता चला है, उनमें छिंदवाड़ा में करीब तीन करोड़ रुपए मूल्य की जमीन व मकान, 1.5 करोड़ रुपए का एक व्यवसायिक प्रतिष्ठान तथा भोपाल में करीब दो करोड़ रुपए मूल्य की जमीन और मकान शामिल हैं।
एजेंसी ने बताया कि छिंदवाड़ा स्थित फार्महाउस में करीब दो करोड़ रुपए मूल्य की जमीन के दस्तावेज, आठ लाख रुपए का महिंद्रा ट्रैक्टर, 1.5 लाख रुपए की ट्रॉली और करीब पांच लाख रुपए के कृषि उपकरण भी मिले हैं।
350 ग्राम सोने, तो 1.2 लाख रुपए के चांदी के गहने मिले
EOW के मुताबिक, छापेमारी के दौरान 7.5 लाख रुपए नकद, करीब 52 लाख रुपए मूल्य के 350 ग्राम सोने के आभूषण, 1.2 लाख रुपए के चांदी के आभूषण, 22 लाख रुपए की महिंद्रा XUV 700, 27 लाख रुपए की नई महिंद्रा स्कॉर्पियो और करीब चार लाख रुपए मूल्य की तीन बाइक भी मिली हैं।
ठेकेदारों की संस्था ने की थी सिंगारे के खिलाफ शिकायत
अधिकारी ने बताया कि सिविल कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के महासचिव यूनुस खान ने 13 जुलाई को जबलपुर में सिंगारे के खिलाफ EOW में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई शुरू की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सिंगारे ने भ्रष्ट आचरण के जरिए करोड़ों रुपए की बेहिसाब संपत्ति अर्जित की है। उनके खिलाफ निर्माण कार्यों के बिलों को मंजूरी देने के बदले ठेकेदारों से कमीशन मांगने की शिकायतें भी मिली थीं।
एजेंसी ने बताया कि सत्यापन के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद EOW की जबलपुर इकाई ने सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
पिछले 14 महीनों से बालाघाट में ही जमा हुआ है आरोपी अधिकारी
अधिकारियों ने बताया कि सिंगारे पिछले 14 महीने से बालाघाट में पदस्थ हैं। बालाघाट में छापेमारी का नेतृत्व कर रहे EOW के पुलिस उपाधीक्षक मनजीत सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि अदालत से अनुमति लेने के बाद यह कार्रवाई की गई।
खबर लिखे जाने तक जारी थी ठिकानों पर कार्रवाई
सिंह ने बताया, ‘प्रारंभिक छापेमारी के दौरान बालाघाट स्थित उनके सरकारी आवास से 2.5 लाख रुपए नकद और करीब 25 लाख रुपए मूल्य का एक वाहन बरामद किया गया है। दस्तावेजों की जांच जारी है।’ EOW ने कहा कि मामले की जांच जारी है और जांच के दौरान अन्य संपत्तियों एवं परिसंपत्तियों का पता चल सकता है।



