नदी के पहले और बाद की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने शुरुआती तस्वीरों को एआई-जनरेटेड तक बता दिया, लेकिन बाद में बिट्टू द्वारा शेयर किए गए रोजाना के अपडेट्स ने सच सामने ला दिया।
सोशल मीडिया पर इन दिनों मध्य प्रदेश के एक 20 साल के युवा की जमकर तारीफ हो रही है। लोग उसे हीरो कह रहे हैं, तो कुछ उसकी तुलना किसी बदलाव की मिसाल से कर रहे हैं। नाम है सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें इंटरनेट पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से जाना जाता है। बिट्टू ने किसी सरकारी मदद या मशीनरी का इंतजार किए बिना मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में बहने वाली कचरे और गंदगी से पटी अजनार (Ajnar) नदी को अकेले साफ करने का बीड़ा उठाया और उसमें अभूतपूर्व सफलता हासिल की।
सोशल मीडिया पर नदी के पहले और बाद की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स ने शुरुआती तस्वीरों को एआई-जनरेटेड तक बता दिया, लेकिन बाद में बिट्टू द्वारा शेयर किए गए रोजाना के अपडेट्स ने सच सामने ला दिया।
लोगों ने ट्रोल किया तो दिया जवाब
अजनार नदी प्लास्टिक, कचरे और गंदगी के ढेर से ढकी हुई थी। बिट्टू ने जनवरी 2026 से इसे साफ करने की मुहिम शुरू की थी। महीनों की कड़ी मेहनत के बाद अब नदी का रूप पूरी तरह बदल चुका है और पानी काफी साफ नजर आने लगा है। जब कुछ लोगों ने उन पर सिर्फ व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए यह सब करने का आरोप लगाया तो उन्होंने जवाब दिया।
मशीन बनाना चाहता था, लेकिन नहीं मिली सफलता
एक इंटरव्यू के दौरान अपनी आपबीती साझा करते हुए बिट्टू ने बताया, “मैं नदी साफ करने के लिए एक मशीन बनाना चाहता था, लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे। मैं एक छात्र हूं। इसलिए मैंने सोचा कि जितना हो सके अपने हाथों से ही साफ करूंगा। इस दौरान मुझे संक्रमण हो गया और मेरे हाथों-पैरों की चमड़ी तक निकलने लगी थी।”
इंस्टाग्राम पर 3 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले बिट्टू चौधरी के इस कदम ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है। एक यूजर ने लिखा, “जहां ज्यादातर इन्फ्लुएंसर्स लाइक और ब्रांड डील के पीछे भाग रहे हैं, इस युवा ने वास्तविक बदलाव को चुना।” वहीं दूसरे यूजर ने पूछा, “अगर सरकार चाहे तो सब हो सकता है, लेकिन अफसोस कि किसी को परवाह नहीं है।”



