जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर सीआईडी को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि इन परीक्षाओं में करीब 15 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ और सीआईडी को उसकी मनी ट्रेल मिल गई है।
जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता की जांच में सीआईडी को मनी ट्रेल मिलना शुरू हो गया है। जेपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांग्ते व टीडीपीएल कंपनी से जुड़े लोगों के बीच भी मनी ट्रेल के साक्ष्य सीआईडी ने पाए हैं। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, जेपीएससी 14वीं पीटी परीक्षा के साथ-साथ अन्य परीक्षाओं में अब तक 15 करोड़ से अधिक का मनी ट्रेल सीआईडी को मिल चुका है। हालांकि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह दायरा बढ़ेगा।
सीआईडी ने मनी ट्रेल पकड़ी
सीआईडी के द्वारा जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में अनियमितता के मास्टरमाइंड के तौर चिन्हित अभय तिवारी, उसके भाई अक्षय तिवारी, सुसर विकास पांडेय, साले सौरभ कुमार पांडेय समेत अन्य के बैंक खातों की पड़ताल के दौरान भी मनी ट्रेल सीआईडी ने पाया है।
यूपी के तर्ज पर ही नौकरियां बेच रही थी टीडीपीएल
जेपीएससी में परीक्षा की आयोजन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल ने झारखंड से पूर्व यूपी में भी इसी मॉड्स पर नौकरियां बेची थीं। सीआईडी ने यूपी में विधान परिषद की नौकरियों के आयोजन से जुड़े तथ्यों से भी कोर्ट को अवगत कराया है। यूपी में टीडीपीएल के निदेशक सत्यपाल सिंह, रामवीर सिंह के पांच रिश्तेदारों के साथ-साथ कंपनी से जुड़े कुछ लोगों को भी गलत तरीके से नौकरी दिला दी गई थी। वहां कई राजनीतिज्ञों के परिजनों को भी फर्जीवाड़ा कर बहाल कर दिया गया था। ठीक उसी तर्ज पर झारखंड में भी टीडीपीएल ने अपने एकाउंटेंट रक्षक सिंह को जेपीएससी में बहाल करने की साजिश रची थी। रक्षक सिंह को पीटी में उत्तीर्ण करा दिया गया था, जबकि अभय तिवारी ने भी अपने परिजनों की नौकरी मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए सीजीएल में करा ली थी। यूपी की तर्ज पर ही झारखंड में भी परीक्षाओं को प्रभावित किया गया था।
ख्यांग्ते ने भी पूछताछ में गलती स्वीकार की
सीआईडी की पूछताछ के दौरान तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांग्ते ने भी परीक्षा के आयोजन में हुई गलतियों के साथ-साथ टीडीपीएल को काम देने में गलती स्वीकार की है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि परीक्षार्थियों की ओएमआर शीट में गड़बड़ी की जानकारी उन्हें थी। टीडीपीएल के साथ-साथ जेपीएससी के परीक्षा उप नियंत्रक के द्वारा उनके निर्देश पर की गई गलतियों को भी स्वीकारा गया है।
तीन आरोपियों से रिमांड पर हुई पूछताछ
सीआईडी ने गुरुवार को भी रिमांड पर लिए गए जेपीएससी पीटी के सफल अभ्यर्थी व एजेंट उमाकांत उरांव, मनोज कुमार व रोशन केरकेट्टा से पूछताछ की। अभय तिवारी, बुद्धेश्वर उरांव, रमेश कुमार समेत अन्य एजेंटों व उनके चेन में जुड़े अभ्यर्थियों के बारे में सीआईडी ने विस्तृत जानकारी ली है। पांच दिनों के रिमांड के बाद अब तीनों आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।



