36 घंटो से पुलिस प्रशासन उज्जैन कलेक्टर सहित मंदिर प्रशासक पुलिस जवान महाकाल दर्शन को आए भक्तों की सुविधा के लिए लगातार कोशिश करते दिखाई दिए।
मध्य प्रदेश के उज्जैन में पिछले तीन दिनों से महाकाल दर्शन और नागचंद्रेस्वर दर्शन को पहुची लाखों की संख्या की भीड़ में महाकाल मंदिर और पुलिस प्रशासन का मानवीय चेहरा भी सामने आया है, जहां भक्तों के भीड़ में फंसे श्रद्धालुओं को भोजन के साथ पानी की व्यवस्था करते पुलिस प्रशासन और मंदिर के लोग नजर आए। वंही दूसरी ओर भीड़ में बीमार लोगों को एंबुलेंस द्वारा अस्पताल पहुंचाने के लिए कड़े संघर्ष के बाद भी पहुंचाया गया। ऐसे में सोशल मीडिया पर उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे युवक को लगी भूख को देखते हुए युवक के लिए भोजन मंगवाया और साथ खुद भी भोजन किया। वीडियो वायरल होने के बाद शहर की जनता कह रही की उज्जैन पुलिस – वर्दी भी, हमदर्दी भी। गौरतलब है कि पिछले 36 घंटो से पुलिस प्रशासन उज्जैन कलेक्टर सहित मंदिर प्रशासक पुलिस जवान महाकाल दर्शन को आये भक्तों की सुविधा के लिए लगातार प्रयासरत रहे।
उज्जैन की पावन धरा पर उमड़ा यह विशाल जनसैलाब आगामी सिंहस्थ महापर्व की झलक दर्शाता है। सिंहस्थ महापर्व के अतिरिक्त उज्जैन के इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं का एकत्रित होना ऐतिहासिक अवसरों में से एक है। यह जनसैलाब उज्जैन की धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्ता के साथ-साथ आने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए बढ़ती आस्था और व्यापक जनभागीदारी का भी संकेत है।
पुलिस प्रशासन के साथ मंदिर प्रशासक सहित अमला रहा मुस्तेद
उज्जैन में नागपंचमी के पावन पर्व के अवसर पर आंखों में नींद ओर जनता की सुरक्षा हर मोर्चे पर पुलिस मुस्तेद खड़ी मिली,चाहे श्राध्लु को घबराहट हो या फिर कोई परेशानी,तत्काल मंदिर समिति के साथ स्वस्थ विभाग रहा अलर्ट। जानकारी के अनुसार महाकाल ओर नागचन्द्रेश्वर दर्शन को उज्जैन पहुँचे श्रद्धालुओं के बीच पुलिस अधीक्षक ने सहजता से बातचीत की और उनका हालचाल जाना इस दौरान बातों-बातों में जब पता चला कि श्रद्धालुओं को भूख लगी है, तो पुलिस अधीक्षक ने तुरंत उनके लिए भोजन मंगवाया और खुद भी उनके साथ बैठकर भोजन किया। श्रद्धालुओं ने भी उज्जैन में की गई व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया और पुलिस की इस आत्मीयता की सराहना की।
उज्जैन में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब
महाकाल की नगरी उज्जैन में नागपंचमी एवं सावन के तृतीय सोमवार के अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। 24 घंटे तक चले इस भव्य आयोजन में देशभर से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री महाकालेश्वर, श्री नागचंद्रेश्वर एवं बाबा महाकाल की सवारी के दर्शन किए। इस दौरान 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर, 4 लाख 80 हजार श्रद्धालुओं ने श्री महाकालेश्वर मंदिर, लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की सवारी तथा लगभग 1 लाख 50 हजार श्रद्धालुओं ने श्री काल भैरव मंदिर के दर्शन किए श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले वर्षों के आंकड़ों को पीछे छोड़ते हुए उज्जैन में बढ़ती आस्था एवं धार्मिक पर्यटन के प्रति श्रद्धालुओं के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।
पिछले वर्ष श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में लगभग 8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 12 लाख से अधिक हो गई है। इसी प्रकार, श्री महाकालेश्वर मंदिर में सामान्य दिनों में लगभग ढाई से तीन लाख श्रद्धालुओं के आने की तुलना में इस आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि देखने को मिली। यह उज्जैन की बढ़ती धार्मिक पहचान, बाबा महाकाल के प्रति देशभर में बढ़ती आस्था और उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या का स्पष्ट प्रमाण है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिया धन्यवाद
राजस्थान के जोधपुर से बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे श्रद्धालु श्री जितेंद्र कच्छावा ने मंदिर में की गई दर्शन व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कच्छावा ने बताया कि वे दो दिनों तक उज्जैन में रुके और इस दौरान उन्होंने दो बार बाबा महाकाल के सहज एवं सुगम दर्शन किए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद दर्शन व्यवस्था व्यवस्थित रही और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने रात में कतार में लगकर दर्शन किए और सुबह भी उन्हें शीघ्र एवं सुलभ दर्शन का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सराहनीय हैं।
रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव



