मंत्रिमंडल की बैठक में देश के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए PM नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 33,660 करोड़ रुपए की BHAVYA योजना पर भी चर्चा हुई। राकेश सिंह ने बताया कि भारत सरकार की BHAVYA योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपए खर्च करने और एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए संवाददाताओं को बताया कि इस फैसले से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश की तस्वीर बदल जाएगी। बैठक में MPRDC में 35 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।
राकेश सिंह ने कहा, ‘मुख्यमंत्री मोहन यादव ने आज (मंगलवार को) विज्ञान-प्रौद्योगिकी को लेकर एक बड़ा फैसला किया। राज्य सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाएं संचालित करेगी।’ सिंह ने कहा कि राज्य सरकार का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए बजट 734 करोड़ रुपए है और इससे राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का परिदृश्य बदल जाएगा।
युवाओं को देगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग और AI ट्रेनिंग
PWD मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर की गई घोषणा के बाद कैबिनेट ने युवाओं के लिए नि:शुल्क ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने और आने वाले एक साल में एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को कृत्रिम मेधा (AI) का कौशल प्रशिक्षण देने का भी फैसला किया है।
अगले 5 साल के लिए हुआ ‘लाड़ली बहन योजना’ का इंतजाम
कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के वर्ष 2031 तक निरंतर क्रियान्वयन के लिए 2,137.65 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। साथ ही वर्ष 2031 तक मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के निरंतर संचालन के लिए 1,14,365 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा लाड़ली लक्ष्मी योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16,326.47 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई।
‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को भी दी गई मंजूरी
बैठक के दौरान मां नर्मदा का जल अविरल बनाए रखने के लिए ‘अविरल मां नर्मदा मिशन’ के गठन को भी स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं तकनीकी प्रगति समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही अगले एक वर्ष के दौरान बड़ी संख्या में प्रदेश में एक्सप्रेसवे और अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शुरू करने की तैयारियों के मद्देनजर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नए पदों के सृजन की मंजूरी भी कैबिनेट बैठक में दी गई।
गांव-गांव में शुरू होगा प्रतिभा खोज अभियान
सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई एक अन्य घोषणा के अनुरूप मंत्रिमंडल ने 5 से 15 साल की आयु के बच्चों में छिपी खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने का भी फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर बेहतर खिलाड़ी बनाया जाएगा।’
डिंडोरी जिले ने हासिल किया देश में पहला स्थान
सिंह ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने में प्रदेश के डिंडोरी जिले ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जिसके बाद इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने डिंडोरी जिला प्रशासन के अधिकारियों को बधाई दी है। मंत्री ने कहा कि डिंडोरी जिले के सफल मॉडल को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा, ताकि वे भी इस योजना को लागू करने में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
100 जिलों को कवर करने वाली इस योजना का मकसद 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ लाना और फसल विविधीकरण व टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देना है।
BHAVYA योजना के प्रस्तुत किए औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव
साथ ही देश के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई 33,660 करोड़ रुपए की BHAVYA योजना को लेकर भी प्रदेश में जोर-शोर से काम किया जा रहा है। इस बारे में जानकारी देते हुए राकेश सिंह ने बताया कि भारत सरकार की BHAVYA योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश द्वारा फेज-I, राउंड-I में 11 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए हैं। मध्यप्रदेश द्वारा इस योजना के अंतर्गत की गई पहल की केंद्र सरकार ने सराहना की है।



