यूपी में पनीर में मिलावट के खिलाफ छापेमारी अभियान चला।मथुरा और सहारनपुर समेत 25 इकाइयों पर तगड़ा ऐक्शन लिया गया है। इसके साथ ही अनियमितताओं के मामले में छह एफआईआर भी दर्ज करवाई गई हैं।
उत्तर प्रदेश में दूध और दूध से बने पदार्थों, खासकर पनीर की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सघन अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त द्वारा गठित 24 विशेष टीमों ने सूचना के आधार पर गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया और 25 इकाइयों पर कार्रवाई की। अनियमितताओं के मामले में छह एफआईआर भी दर्ज करवाई गई हैं।
विभाग के मुताबिक अभियान के दौरान पाया गया कि तीन इकाइयां क्रियाशील नहीं हैं। कार्रवाई के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों और पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल के साथ ही स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह परिस्थितियों में निर्माण होता पाया गया। औद्योगिक रसायन, रिफाइंड तेल और पामोलिन तेल इस्तेमाल करने के अलावा अस्वच्छ जगह पर पनीर बनाने के लिए ही पांच एफआईआर हुई हैं। एक एफआईआर सरकारी काम में बाधा डालने के लिए भी दर्ज करवाई गई है। विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक गाजियाबाद में तीन व मथुरा में दो मामलों में एफआईआर हुई है। इसके अलावा सहारनपुर में भी एक एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
72 नमूने जांच के लिए भेजे गए
अभियान के दौरान कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्मित पाई गई 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया। नष्ट कराई गई खाद्य सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 10 लाख रुपये है। इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य करीब 4.75 लाख रुपये है। इस तरह अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
गंभीर मामलों में छह एफआईआर दर्ज
अभियान के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के प्रयोग और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण से संबंधित पांच प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं, विभागीय अधिकारियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कराई गई। गाजियाबाद में तीन तथा मथुरा में दो प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। सहारनपुर में भी संबंधित अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। विशेष रूप से पनीर जैसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में खाद्य सुरक्षा, मिलावट पर प्रभावी अंकुश और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। प्रयोगशाला जांच में नमूने मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



