सपा मुखिया अखिलेश यादव से शनिवार को मक्के के खेत में उनकी तस्वीर उकेरने वाले गाजीपुर के किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने 1 जुलाई 2026 को अखिलेश के जन्मदिन के अवसर पर 20 बीघा मकई के खेत में बोई गई फसल में अखिलेश का चित्र उकेरा था, जो उस समय बेहद चर्चित रहा था। गाजीपुर के खालिसपुर बवांडे गांव के लगभग पांच दर्जन किसानों ने अखिलेश को बताया कि उनका परिवार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के समय से लोकदल के बजाय मुलायम सिंह यादव के साथ जुड़ा रहा है और अब नई पीढ़ी अखिलेश यादव के साथ जुड़कर काम कर रही है। लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिषेक यादव और सपा के गाजीपुर जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने किसानों के दल का संयोजन करके यह मुलाकात करवाई।
अखिलेश यादव ने किसानों के समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि कृषि इस देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि किसान खुशहाल होगा तो व्यापार बढ़ेगा और समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को उनकी फसल का लागत मूल्य मिलेगा, जिससे उनके परिवार का जीवन भी बेहतर होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने किसानों को धोखा देने के अलावा कुछ नहीं किया है। किसानों के प्रतिनिधिमंडल में रमाशंकर, अनुपमा यादव, अमरजीत यादव, मोनू सिंह, सुधीर लाल, ओमकार यादव, अफजल अली, मुरलीधर यादव, सूरज कुमार, बंटी सिंह, त्रिलोकी यादव, राम नगीना यादव, लालजी यादव, अक्षय लाल यादव और अवतार यादव सहित कई अन्य किसान शामिल रहे।
सूमा गाड़ी को अखिलेश ने दिखाई हरी झंडी
अखिलेश यादव ने पार्टी के राज्य मुख्यालय से एक सूमा गाड़ी को कन्नौज के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यात्रा के संयोजक अन्वेश कुमार सिंह चौहान को इस अभियान के लिए बधाई दी। इस अवसर पर अन्वेश ने एक प्रतिमा के माध्यम से दर्शाया कि प्रदेश में अराजकता तथा अव्यवस्था का बवंडर चल रहा है, जिससे जनता त्राहि-त्राहि कर रही है और किसान व नौजवान सभी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि समुद्र मंथन के प्रतीक के जरिए इस बात को दर्शाया गया कि कैसे विपत्ति से छुटकारा मिले, और मंथन से निकले सुदर्शन चक्र को अखिलेश यादव को भेंट किया गया, ताकि वे सभी को दुखों से छुटकारा दिला कें।



