वाराणसी में तंत्रमंत्र के चक्कर में एक व्यक्ति की तबीयत ठीक करने का दावा करने वाले तांत्रिक की पीड़ित के परिजनों ने हत्या कर दी। तांत्रिक युवक की तबीयत ठीक करने पहुंचा लेकिन सही होने के बजाय युवक और बीमार हो गया था। इसी से नाराज होकर परिजनों ने तांत्रिक को मौत की नींद सुला दिया।
Varanasi News: यूपी के वाराणसी में तंत्र-मंत्र के चक्कर में एक व्यक्ति का इलाज करना एक तांत्रिक के लिए भारी पड़ गया। तबीयत ठीक करने के लिए तांत्रिक को परिजनों ने बुलाया था, लेकिन बीमार युवक की तबीयत और खराब होने लगी। इसी से नाराज होकर परिजनों ने तांत्रिक को मौत के घाट उतार दिया। इस घटना में पुलिस ने हत्या के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी वरुणा लिपि नगायच, एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में शुक्रवार को घटना का खुलासा किया। बताया कि गोइठहां स्थित ओम नगर कॉलोनी निवासी 48 वर्षीय तांत्रिक अनीश उपाध्याय की पत्नी ने सात जुलाई को पति के लापता होने की सूचना लालपुर पांडेयपुर थाने में दी थी। बीते 13 अगस्त को पत्नी ने तांत्रिक की हत्या कर शव को झाड़ियों में छिपाने का आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पूरी वारदात सामने आई।
गिरफ्तार आरोपियों में मिर्जापुर के प्रेमापुर (चुनार) निवासी सोनू, उसके भाई विशाल और विकास गौंड, इनके ममेरे भाई कानपुर के मोहानी घाट (नवाबगंज) निवासी अभिषेक उर्फ रोहित कश्यप, मोहित कश्यप, सोनू का दोस्त सिगरा के निराला नगर निवासी साहिल गोंड हैं। मिर्जापुर के तीनों भाई कंचनपुर (कंदवा) में धीरज सिंह के मकान में किराए पर रहते हैं। वहीं पर वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार सिंह, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सरोज, श्यामनरायण, रोशन राय, हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह, चंद्रसेन सिंह, सुनील चंद्र, विनीत सिंह, कांस्टेबल अर्जुन कन्नौजिया आदि शामिल थे।
विकास की तबीयत बिगड़ने पर हत्या की साजिश रची
वाराणसी। आरोपी सोनू ने बताया कि मार्च में तांत्रिक अनीश उपाध्याय से संपर्क हुआ था। भाई विकास एवं अन्य परिजनों की तबीयत खराब होने के पीछे उसने भूत-प्रेत का साया बताया था। तंत्र-मंत्र की विद्या से दूर करने का दावा किया। इसके लिए कई बार वह कंदवा के कंचनपुर स्थित किराये के मकान पर पूजा भी करा चुका था। जून में सबसे छोटे भाई विकास की तबीयत अधिक खराब हो गई। ऊपरी साया होने की बात कहते हुए तांत्रिक अनीश ने चार-पांच दिन तक पूजा-पाठ की। बताया जाता है कि इस दौरान उसका चाल-चलन भी ठीक नहीं लग रहा था। इधर विकास की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसे कानपुर में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद तीनों भाइयों ने कानपुर के ममेरे भाइयों की मदद से तांत्रिक की हत्या करने की साजिश रची।
पहली जुलाई को हत्या, रमना में फेंका शव
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सिगरा के साहिल पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कहकर 30 जून को तांत्रिक अनीश को कंदवा वाले किराये के मकान पर बुलाया गया। वहां पहली जुलाई की दोपहर में कमरे में वह पूजा-पाठ कर रहा था। इसी दौरान म्यूजिक सिस्टम से तेज आवाज में गाना बजाकर कमरे में ही लकड़ी के स्टूल, गैस सिलेंडर और लोहे की रॉड से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद कमरे में पड़े खून के निशान साफ किए और दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर तथा बॉडी स्प्रे का इस्तेमाल किया। पहली जुलाई की रात ही सोनू शव को बोरी में भरकर स्कूटी में सामने की ओर रखा। इस दौरान अन्य आरोपी भी बाइक से आगे-पीछे चल रहे थे। आरोपियों ने लंका के रमना में कचरे के ढेर में बोरी में बंधा शव फेंक दिया और वापस कमरे पर आ गए। अगले दिन कानपुर निवासी ममेरे भाई अपने घर चले गए।
हाथ पर अंकित गोदना के जरिये मामला खुला
सूचना पर अगले दिन लंका पुलिस ने अनीश का शव बरामद किया। उसकी तस्वीरें, एक हाथ पर गोदना के रूप में अंकित ‘मां’ और दूसरे पर पत्नी का नाम ‘गुंजा’ लिखी फोटो, कपड़े की फोटो पुलिस के सोशल मीडिया के ग्रुप पर वायरल कर शिनाख्त की कोशिश की गई। पहचान न हो पाने की दशा में पुलिस ने अज्ञात के तौर पर शव का पोस्टमार्टम कराकर अंत्येष्टि करा दी थी। इधर अनीश का मोबाइल बंद था। उसकी पत्नी और एक बेटा परेशान थे। पत्नी, बेटा और भाई ने अपने स्तर से ढूंढ़ा, लेकिन पता नहीं चल सका। इस पर सात जुलाई को लालपुर-पांडेयपुर थाने पर सूचना दी। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर तलाश कर रही थी, लेकिन पता नहीं चला। इस बीच अज्ञात शवों की शिनाख्त में लंका पुलिस की ओर जारी फोटो को पहचानने के लिए लालपुर-पांडेयपुर पुलिस ने अनीश की पत्नी गुंजा को बुलाया। गुंजा अपने देवर के साथ 13 अगस्त को पहुंची और शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने हत्या की आशंका जताते हुए छानबीन शुरू की। पत्नी से पूछताछ के आधार पर पहले सोनू को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ में उसने घटना स्वीकार की। इसके बाद सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त लकड़ी का स्टूल, गैस सिलेंडर और लोहे की रॉड और म्यूजिक सिस्टम बरामद कर लिया।
तंत्र-मंत्र विद्या के लिए छोड़ दिया था घर
पत्नी ने पुलिस को बताया कि पति अनीश उपाध्याय ने तंत्र-मंत्र के लिए घर छोड़ दिया था। वह औघड़ों के साथ रहते थे। वह करीब 12 साल तक घर नहीं आए थे। 10 साल पहले वह लौटे तो तांत्रिक बनकर आए। इसके बाद पूजा-पाठ कराने लगे थे।



