कांवड़ यात्रा के दौरान चार बच्चों ने भगवान शिव से स्कूल फीस माफ होने की मन्नत मांगी थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद मथुरा के जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने मामले का संज्ञान लिया। सीकलां के बठैन गेट स्थित बैंक कालोनी से कांवड़ लेकर निकलीं तीन बहनों और एक भाई को डीएम चन्द्र प्रकाश सिंह ने बुधवार को कलक्ट्रेट बुलाकर उनको पाठ्य सामग्री भेंट की। चारों बच्चों को एसडीएम सदर ने गोद लिया है। इनकी मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था भी की गयी है।
कलेक्ट्रेट बुलाकर बच्चों को बांटी ड्रेस और कॉपी-किताबें
बुधवार को जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कोसीकलां के बठैन गेट के निकट स्थित बैंक कॉलोनी निवासी भरत सिंह के चार बच्चों को कलक्ट्रेट कार्यालय बुलाया। इनमें साधना, मुस्कान, प्रेरणा और एक बेट शिवम है, जो 11वीं, 09वीं, 7वीं, 3वीं, कक्षा में पढ़ते हैं। जिलाधिकारी ने बच्चों को 2-2 स्कूल ड्रेस, एक बैग, किताबें का सेट, पेंसिल बॉक्स, टिफिन/लंच बॉक्स, जूते, मोजे प्रदान किए। जिलाधिकारी ने बताया कि भरत सिंह की बड़ी बेटी साधना नगर पालिका इण्टर कॉलेज कोसीकलां में 11वीं की छात्रा है, उसकी पूर्व से ही ट्यूशन फीस नहीं लगती है।
एसडीएम ने चारों बच्चों को गोद लिया
शेष तीनों बच्चे आदर्श विद्या मंदिर कोसीकलां में पढ़ते हैं। इनमें से प्रेरणा की पूर्व से ही पूरी फीस माफ है। बाकी दो बच्चों मुस्कान और शिवम की भी फीस 6800 रुपये और 5500 रुपये माफ कर दी गई है। स्कूल प्रबंधक को निर्देशित किया है कि अब से किसी भी बच्चे से फ़ीस नहीं ली जागेगी। उप जिलाधिकारी छाता अखिलेश कुमार ने इन बच्चों को गोद लिया है। उप जिलाधिकारी छाता द्वारा सभी बच्चों की पूरी तरह देखभाल की जाएगी। इन बच्चों के पिता भरत सिंह परचून की दुकान चलाते हैं उनकी पत्नी सुनीता द्वारा सिलाई का कार्य किया जाता है।
बच्चों को मिलेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा- डीएम
भरत सिंह और उनकी पत्नी को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांग पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। इनको प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से भी लाभान्वित किया गया है, जिसमें उनको एक लाख की किस्त पूर्व में प्रदान की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनानुसार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी।



