उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पुलिस कुछ महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसे आरोप लगाकर दूसरों पर दबाव बनाने और कथित तौर पर वसूली करने के आरोपों की जांच कर रही है।
अपने फायदे के लिए दूसरों को नुकसान पहुंचाने के तमाम हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। रेप के केस में फंसाकर कथित तौर पर वसूली को कुछ युवतियों ने कमाई का जरिया बना लिया है, लेकिन इसमें गोरखपुर की युवती खुद शिकंजे में फंस गई है। कैंपियरगंज क्षेत्र की एक महिला के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। गीडा क्षेत्र में भी एक युवती के खिलाफ ऐसे ही आरोप लगे हैं। इसकी जांच सीओ गीडा को सौंपी गई है।
पुलिस के अनुसार, कैंपियरगंज के मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि महिला ने दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायत की जांच के बाद केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपों से जुड़े साक्ष्य, बातचीत, लेन-देन, अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, गीडा इलाके में भी एक युवती के खिलाफ दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने और दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। युवती पर इस तरह के मामलों को लेकर लोगों से संपर्क करने और कथित तौर पर दबाव बनाने के आरोप लगाए गए हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने इसकी जांच सीओ गीडा को सौंप दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायत में लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी व्यक्ति को झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की गई। इसके लिए संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच होगी।
जांच के बाद तय होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सिर्फ आरोप के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं में कार्रवाई होगी। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप गलत पाए जाते हैं तो उसके अनुसार भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी सामने आए मामले
गोरखपुर जिले में इससे पहले भी दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर दबाव बनाने और रुपये मांगने के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस अब शिकायतों की पड़ताल के साथ ही यह भी देख रही है कि कहीं किसी व्यक्ति को निजी विवाद, रुपये की मांग या अन्य कारणों से झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश तो नहीं की गई।
कानून के दुरुपयोग पर कार्रवाई : एसपी
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है, लेकिन कानून का दुरुपयोग कर निर्दोष को फंसाने की कोशिश के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।



