राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी की खबरों के बीच मथुरा के श्रीकृष्ण जन्म स्थान पर भी चोरी का आरोप लगाकर दिनेश फलाहारी बाबा ने सनसनी फैला दी थी। अब फलाहारी बाबा अपने आरोपों से पीछे हट गए हैं। उन्होंने कहा कि जिस पुजारी ने सुबूत देने को कहा, उसने सुबूत नहीं दिए।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खबरों के बीच श्री कृष्ण जन्मस्थान पर भी इसी तरह से चढ़ावा का आरोप कुछ दिनों पहले श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलहारी बाबा ने लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ ही ट्रस्ट के लोगों ने मोर्चा खोल दिया था। अब फलाहारी अब अपने द्वारा लगाये गये आरोपों से पीछे हट गये हैं। उन्होंने कहा है कि उनके पास इसके पर्याप्त सुबूत नहीं हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष के साथ ही श्री कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह मामले में दिनेश फलाहारी बाबा याचिकाकर्ता भी हैं। उन्होंने हिन्दुस्तान को बताया कि उनके पास श्री कृष्ण जन्मस्थान पर चढ़ावा चोरी के पर्याप्त सुबूत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें एक पुजारी ने चढ़ावा चोरी की जानकारी दी थी। बताया था कि वहां से चढ़ावा चोरी हो रहा है। चढ़ावे में आने वाले आभूषण आदि की रसीद नहीं दी जाती। उस पुजारी ने उन्हें सुबूत देने को कहा था लेकिन अब उस पुजारी ने उन्हें सुबूत नहीं दिये हैं। इसलिए वह कह सकते हैं कि उनके पास पर्याप्त सुबूत नहीं हैं कि जन्मस्थान से चंदा चोरी हो रहा है। दिनेश फलाहारी ने कहा कि अब तो उन्होंने भी (जन्मस्थान सेवा संस्थान ने) जांच की मांग कर दी है। जांच में सच्चाई पता लग जाएगी।
गौरतलब है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष व श्री कृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह मामले के एक याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी बाबा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 17 जून को खून से पत्र लिखकर श्री कृष्ण जन्मस्थान पर चढ़ावा चोरी होने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। उनका आरोप है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की संपत्तियों की जांच करायी जाए।
दिनेश फलाहारी आरोप लगाया था कि जब दानपात्रों को खोला जाता है तो सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। रुपये, आभूषण, हीरे और जेवरात सब का बंदरबांट कर लिया जाता है। मंदिर की सभी गुल्लक खोलते समय सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ने उसी दिन आरोपों को गलत बताया था।
21 जून को श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए आरोपों की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। उनका कहना था कि संस्थान और उन पर व्यक्तिगत रूप से बिना कोई प्रमाण दिए मिथ्या आरोप लगाए गए हैं। फलाहारी बाबा पर ही कई आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई थी।



