जीतनराम मांझी ने कहा कि शराबबंदी तो ठीक कदम है लेकिन, पूरी तरह से बंद नहीं है। अधिकारी लोग गड़बड़ करते हैं, पैसा अर्जित करते हैं और गरीबों को फंसाते हैं।
Jitan Ram Manjhi: नीतीश कुमार की शराबबंदी कानून का सम्राट चौधरी सीएम बनने के बाद बखूबी पालन करवा रहे हैं। इस बीच,केंद्रीय मंत्री और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतनराम मांझी ने बिहार में लीकर बैन कानून लागू किए जाने के तौर तरीकों पर सवाल उठा दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुजरात मॉडल पर बिहार में शराब की बिक्री शुरू करने की मांग की है।
पटना के एक होटल में रविवार को जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा(से) की कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई। लग्जरी माहौल में पूरी तैयारी के साथ कार्यकारिणी के सदस्यों और नेताओं ने बिहार की राजनीति और पार्टी के भविष्य पर मंथन किया। दिल्ली के जंतर मंतर आन्दोलन और बिहार के सभी शहरों में जेन जी के प्रदर्शन के बाद चर्चा के केंद्र में युवा रहे। अंत में जीतनराम मांझी ने मीडिया कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने स्वीकार किया कि युवाओं को दरकिनार करके राजनीति नहीं की जा सकती है।
अफसर गड़बड़ करते हैं
सवालों की श्रृंखला में युवाओं में सूखे नशे की बढ़ती लत वाला सवाल भी आया। एक बार फिर जीतनराम मांझी का दर्द छलक गया। कहा कि शराबबंदी तो ठीक कदम है लेकिन, पूरी तरह से बंद नहीं है। अफसर क्लास गरीबों को इस कानून की आड़ में परेशान कर रहा है। कहा कि अधिकारी लोग गड़बड़ करते हैं, पैसा अर्जित करते हैं। गरीबों को फंसाते हैं। आज भी 11-12 लाख लोगों पर केस मुकदमा दर्ज है जिसमें गरीब लोग अधिक हैं। प्रशासन को चुस्त और दुरूस्त रखें।
मुख्यमंत्री से अपील
जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी ज्ञान दे दिया। कहा कि जहां महात्मा गांधी का जन्म हुआ वहां भी(गुजरात) में शराबबंदी कानून लागू है। पर कुछ लोगों को परमिट के आधार पर शराब का परमिशन दिया जाता है। इस वजह से वहां निराशा नहीं है। हम तो पहले से भी कहते रहे हैं कि यहां भी गुजरात की तर्ज पर यहां भी कानून लागू हो।
पहले भी कर चुके हैं ऐसी मांग
जीतन राम मांझी पहले भी ऐसी मांग कर चुके हैं। बिहार की शराबबंदी कानून की समीक्षा करके इसमें बदलाव की उनकी पुरानी मांग है। एनडीए में रहते हुए भी वह कई बार इस मुद्दे पर अपनी सरकार से अलग राय रख चुके हैं। जब राजद के साथ नीतीश कुमार की सरकार थी तो तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से भी उन्होंने ऐसी मांग की थी।
सम्राट चौधरी क्या कहते हैं?
लेकिन, सम्राट चौधरी इस मामले में अपनी राय स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के हित में जो फैसले किए हैं उनमें बदलाव की कोई योजना सरकार की नहीं है।



