पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है जब मुक्केबाज कुदरातुल्लाह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से चंपत हो गया ।
पाकिस्तान मुक्केबाजी महासंघ एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। इसकी वजह भी चौंकाने वाली है। विवादों में खेल की वजह से नहीं, बल्कि दूसरी तरह की गलतियों के कारण घिरा है। पाकिस्तान के एक मुक्केबाज जिसका नाम कुदरातुल्लाह है, ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के बाद टीम होटल से चंपत हो गया है।
बिना पासपोर्ट के गायब हुआ मुक्केबाज
यह पहली बार नहीं है जब पीबीएफ गलत कारणों से सुर्खियों में आया हो। पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों के दौरान मुक्केबाजों के विदेश से भागने की कई घटनायें सामने आई हैं। पाकिस्तान ओलंपिक संघ के करीबी सूत्र ने बताया कि राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भारवर्ग में भाग लेने के बाद कुदरातुल्लाह टीम होटल से गायब हो गया। सूत्र ने कहा ,” रोचक बात तो यह है कि पासपोर्ट टीम मैनेजर के पास होने के बावजूद वह गायब हो गया।”
2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 2 मुक्केबाज हुए थे गायब
राष्ट्रमंडल खेल 2022 के दौरान भी पाकिस्तान के दो मुक्केबाज गायब हुए थे। वे भी भाग गए थे। सुलेमान बलोच और नजीरूल्लाह खान नाम के दो मुक्केबाज बर्मिंघम में गायब हो गए थे, जबकि पासपोर्ट दल प्रमुख के पास थे।
2024 एशियाई स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज ने साथी का सामान चुराया था
विश्व ओलंपिक क्वालीफायर 2024 में एशियाई स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज जोहेब रशीद ने अपने रूममेट की विदेशी मुद्रा और मूल्यवान सामान चुरा लिया था और गायब हो गया था।
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में पाकिस्तान को सिर्फ 1 पदक मिला
पाकिस्तान का 36 सदस्यीय दल ग्लास्गो से सिर्फ एक कांस्य पदक लेकर लौटा जो महिला मुक्केबाज फातिमा जेहरा को मिला। एक तरफ जहां भारत 13 गोल्ड 17 रजत और 9 कांस्य पदक के साथ कुल 39 पदक मिले और भारतीय मुक्केबाज ने दमदार प्रदर्शन किया। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा। वहीं पाकिस्तान सिर्फ 1 कांस्य पदक लेकर कई देशों के साथ संयुक्त रूप से 36वें स्थान पर रहा। पदक ना जीतने के बात भी इस तरह से सुर्खियों में बने रहना पाकिस्तान के लिए शर्मिंदिगी का विषय होना चाहिए।
शर्मिंदा करने वाली हैं पाक खिलाड़ियों की हरकतें
पाकिस्तान के खिलाड़ियों की इस तरह की हरकतें अपने रूममेट का सामान चुरा लेना, टीम होटल से गायब हो जाना, बिना पासपोर्ट के कहीं और निकल जाना और तमाम तरह की हरकतें खेल की दुनिया के लिए काफी निराशाजनक हैं। खेल की दुनिया में खासकर तब जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलते हैं इस तरह की हरकतें नाकाबिले बदार्श्त होनी चाहिए।
भाषा मोना सुधीर



