पश्चिमी यूपी में शिवभक्तों का रेला बढ़ने लगा है। कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ियों की वेशभूषा देखकर लोग अचंभित हो रहे हैं। कोई रावण बनकर आ रहा है तो कोई एक पैर पर कांवड़ लेकर कांवड़िए पहुंच रहे हैं।
Hindustan Special: हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त कांवड़ियों का सैलाब वेस्ट यूपी के तमाम शहरों में पहुंचने लगा है। शिवभक्त कांवड़ियों का अंदाज ऐसा है कि देखने वाले बरबस ही इन्हें देखते ही रह जाते हैं। मुजफ्फरनगर से जब रावण के भेष में कांवड़िया मूलचंद त्यागी गुजरे तो सभी के आकर्षण का केंद्र बन गए।
दिल्ली की रामलीला में रावण का किरदार निभाने वाले मूलचंद समयपुर बादली में जलाभिषेक करेंगे। रावण का रूप उन्होंने क्यों रखा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह समाज को संदेश देना चाहते हैं कि बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए रावण की तरह तत्पर रहें और दरिंदों से उनकी रक्षा करें। दूसरा, कांवड़ खंडित होने पर गाड़ियों में तोड़फोड़ करने वाले कांवड़ियों से अपील की कि किसी का नुकसान न करें। वाहन स्वामी से जल मंगवाने का अनुरोध कर यात्रा आगे बढ़ाएं, क्योंकि गाड़ी टूटने से किसी का भारी नुकसान होता है।
कृत्रिम पैर से यात्रा कर रहे मुकेश
कांवड़ यात्रा के दौरान मुजफ्फरनगर के शिवचौक पहुंचे दिल्ली निवासी मुकेश ठाकुर की अटूट आस्था ने सभी को भावुक कर दिया। मुकेश ड्राइवर थे और 2014 में एक हादसे में उन्होंने अपना दाहिना पैर खो दिया। अब वह कृत्रिम पैर के सहारे हरिद्वार से दिल्ली तक सैकड़ों किलोमीटर की कठिन पदयात्रा कर रहे हैं। मुकेश ने अपनी यात्रा जबलपुर में हुए क्रूज हादसे में बच्चे के साथ अपनी जान खोने वाली मां के त्याग व ममता को समर्पित की है। मुकेश कहते हैं कि हर कदम पर दर्द होता है लेकिन भोलेनाथ की कृपा उन्हें हिम्मत देती है। पिछले वर्ष उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए लोगों की आत्मशांति के लिए कांवड़ उठाई थी।
91 साल की उम्र में गोमुख से जल लाकर पेश की आस्था की मिसाल
वहीं गढ़मुक्तेश्वर में भक्ति और आस्था के लिए उम्र मायने नहीं रखती, इसका जीवंत उदाहरण ग्राम पंचायत भोवापुर निवासी 91 वर्षीय शेर सिंह यादव प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने इस उम्र में भी गोमुख से गंगाजल लाकर अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। 91 वर्षीय शेर सिंह यादव कठिन मार्ग तय कर गोमुख से गंगाजल लाकर सभी को प्रेरित कर रहे हैं। उनकी भक्ति और संकल्प देख गढ़मुक्तेश्वर के एसडीएम श्रीराम यादव ने उनका सम्मान किया। उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। एसडीएम ने कहा कि शेर सिंह का जज्बा युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका प्रयास दर्शाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और श्रद्धा के बल पर कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।



