दिल्ली पुलिस ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई झड़प को लेकर भी FIR दर्ज की है। इसमें पुलिसकर्मियों पर हमला और उनके काम में बाधा डालने का आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर संवाददाता सम्मेलन के दौरान झड़प के बीच पुलिसकर्मियों पर भी कथित हमले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने के संबंध में भी केस दर्ज किया गया है। सनद रहे एक दिन पहले चप्पल फेंके जाने के मामले में आरोपियों ने भी पप्पू यादव के समर्थकों पर मारपीट के आरोप लगाए थे।
फेंकी थी चप्पल
बता दें कि एक दिन पहले रविवार को पप्पू यादव के संवाददाता सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के दो लोगों ने उनके दिल्ली आवास में प्रवेश किया और सांसद पर चप्पल फेंक दी थी। इसमें बाद पप्पू यादव के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट कर दी थी। समर्थकों की भीड़ के हमले में कहीं आरोपियों की जान जोखिम में ना पड़े। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी एक्टिव हो गए।
पुलिसकर्मियों पर भी हमला
पुलिसकर्मियों ने पप्पू यादव के समर्थकों के बीच बुरी तरह फंसे हमलावरों को सुरक्षित निकालने की कोशिशें की। इस दौरान उनकी भी भीड़ के साथ झूमा झटकी हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि सांसद पप्पू यादव के आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों का आरोप है कि घटना के दौरान ड्यूटी निभाते समय उनके काम में बाधा डाली गई और उन पर भी हमला किया गया।
मारपीट का वीडियो वायरल
अधिकारी ने बताया कि चप्पल फेंकने के बाद हुई मारपीट को रोकने के लिए पुलिस को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना से थोड़ी देर के लिए अफरातफरी मच गई। आखिरकार दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। घटना के वायरल वीडियो में भीड़ हमलावरों के साथ बुरी तरह मारपीट करती दिख रही है। पुलिसकर्मी भी भीड़ की चपेट में आ जाते हैं।
दिल्ली पुलिस की FIR में क्या बातें?
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के कई प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की है। इसमें धारा 221 (लोक सेवक के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालना), धारा 121 (1) (लोक सेवक को आधिकारिक कर्तव्यों का पालन करने से रोकने या रोकने के इरादे से स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), धारा 132 (लोक सेवक के खिलाफ हमला करना या आपराधिक बल का उपयोग करना) और धारा 3 (5) (सामान्य) इरादा शामिल है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ता परिसर और आस-पास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच कर रहे हैं। गवाहों और पीड़ित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज कर रहे हैं। मौके से अन्य सबूत जमा कर रहे हैं। मारपीट की घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें पुलिसकर्मियों से भी झड़प की घटनाएं कैद हुई हैं।
कैद करने और मारपीट के आरोप
चप्पल फेंकने का आरोपी 34 वर्षीय सुमित सहपानी यूपी के बुलंदशहर का निवासी है। वह गाजियाबाद में लोहे का सामान बनाने का काम करता है। सुमित का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। आरोपी सुमित के साथ हैप्पी शर्मा भी था। उसने पप्पू यादव और उनके समर्थकों पर सुमित को कैद करने और बुरी तरह मारपीट कर घायल करने आरोप भी लगाए हैं।
चाकू नहीं था, इसे प्लांट किया गया
वहीं चप्पल चलाने के आरोपियों में से एक हैप्पी शर्मा ने बताया कि उनके पास चाकू नहीं था। चेकिंग होने के बाद ही हम परिसर में दाखिल हुए थे। पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने सुमित को आवास पर ही कैद कर लिया था। पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने चाकू प्लांट किया है। हमने केवल सवाल पूछा था कि साधू संतों और भगवान राम का अपमान क्यों कर रहे हैं। आरोपी हैप्पी का कहना है कि इसी बात पर उनके साथ मारपीट की गई।
भगवान राम की कृपा रही कि बच गए
हैप्पी ने यह भी कहा कि जब उन पर हमला हुआ तो उन्होंने भी पप्पू यादव पर चप्पल फेंकी। हैप्पी शर्मा ने आरोप लगाया है कि भीड़ ने उनको खूब मारा। भीड़ उसे मारते-मारते गेट तक ले गई। भगवान राम की कृपा ही रही कि वे बच गए। पुलिस आरोपियों के दावों और मौके पर हुई घटना की पड़ताल जारी रखे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के निष्कर्षों और सबूतों के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
क्या बोले पप्पू यादव?
चप्पल फेंके जाने की घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि आरोपी ने मुझ पर हमला किया। पप्पू यादव का अपराध क्या है? यह मेरी गलती है या ( मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव) चंपत राय की? उन्होंने चढ़ावे की चोरी की है। जो लोग मुझे मारना चाहते हैं, वे ऐसा कर सकते हैं लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं। कुछ वायरल वीडियो में पप्पू यादव भी आरोपियों को आक्रोशित समर्थकों की भीड़ से बचाते नजर आ रहे हैं।



