इंदौर में 15 साल की किशोरी के आधार कार्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर उसे 21 साल का दिखाया गया और 3 लाख रुपये लेकर उसकी शादी कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दूल्हे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के पांच अन्य आरोपी फरार हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर में मानव तस्करी और बाल विवाह से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 15 साल की एक किशोरी के आधार कार्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर उसकी उम्र 21 साल दिखाई गई। इसके बाद लड़की के परिवार की आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाते हुए उसकी शादी कराने के बदले दूल्हे पक्ष से 3 लाख रुपये लिए गए। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने दूल्हे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच तब शुरू हुई जब बाणगंगा थाना क्षेत्र से किशोरी के लापता होने की शिकायत मिली। जांच के दौरान पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने मानव तस्करी और कथित फर्जीवाड़े के इस मामले में कार्रवाई शुरू की।
आधार कार्ड में बदल दी गई उम्र
बाणगंगा थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर ने बताया कि जांच में सामने आया कि लड़की की वास्तविक उम्र 15 साल है, लेकिन उसके आधार कार्ड में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे 21 साल का दिखाया गया था। पुलिस का आरोप है कि इंदौर के दो लोगों ने परिवार की खराब आर्थिक स्थिति का फायदा उठाया और उन्हें पैसे कमाने तथा घर दिलाने का लालच दिया।
रिश्तेदार बनकर कराई शादी
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को लड़की का रिश्तेदार बताकर शादी की पूरी प्रक्रिया में शामिल हुए। आरोप है कि उन्होंने दूल्हे के परिवार से 3 लाख रुपये लेकर यह शादी कराई। शुरुआती जांच में इसे मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है।
दूल्हा समेत चार गिरफ्तार, पांच आरोपी फरार
पुलिस ने इस मामले में दूल्हे, उसके पिता और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, गिरोह से जुड़े पांच अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।



