डीसी ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक बुजुर्ग की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर डॉक्टर से सलाह, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता एवं अन्य जरूरी सुविधाओं का निरंतर होना सुनिश्चित की जाए तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
झारखंड की राजधानी रांची के नगड़ी स्थित वृद्धाश्रम में उस वक्त एक भावुक करने वाला नजारा देखने को मिला, जब जिला दण्डाधिकारी व उपायुक्त (डीसी) मंजूनाथ भजन्त्री वहां नियमित निरीक्षण करने पहुंचे और इस दौरान वह वहां रह रहे बुजुर्गों से उनका हाल पूछने लगे। डीसी के पहुंचने की सूचना मिलते ही परिसर में रह रहे बुजुर्ग उनका इंतजार करने लगे। जो स्वास्थ्य कारणों से नीचे नहीं आ सके, उनसे मिलने के लिए डीसी भजन्त्री खुद उनके कमरों तक पहुंचे। इसी दौरान चतरा निवासी एक वृद्ध ने उनका हाथ थाम लिया। धुंधली पड़ चुकी आंखों से उन्होंने पूछा…आप के हैं…? उपायुक्त ने सहजता से उत्तर दिया… हम यहां के डीसी हैं… वृद्ध ने फिर पूछा… आपका नाम…? तो उन्होंने मंजूनाथ बताया… फिर बुजुर्ग बोले… आप बैठ जाइएगा तो अच्छा लगेगा…।
इसके बाद भजन्त्री बिना किसी औपचारिकता के उस बुजुर्ग के पास बैठ गए। बातचीत आगे बढ़ी तो बुजुर्ग के मुंह से एक ऐसा प्रश्न निकला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। उन्होंने पूछा… मेरा कोई है का…? तब भजन्त्री ने उनका हाथ थामा और मुस्कुराते हुए कहा…हम सब लोग आपके ही हैं…। डीसी के बोले इन कुछ शब्दों ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। उस समय प्रशासन और उस बेसहारा बुजुर्ग के बीच का रिश्ता केवल औपचारिक नहीं रहा, बल्कि अपनेपन और विश्वास का प्रतीक बन गया।
बुजुर्ग महिला के साथ सबने मिलाए सुर से सुर
इसी आत्मीय माहौल के बीच वृद्धाश्रम में रहने वाली एक माताजी ने अधिकारियों के सामने भजन प्रस्तुत किया। जिसके बाद वहां मौजूद उपायुक्त भजन्त्री, प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सुरभि सिंह, अंचल अधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी तथा वहां उपस्थित अन्य लोगों ने भी माताजी के साथ सुर से सुर मिलाए। जिससे कि वहां का पूरा वातावरण श्रद्धा, उल्लास और आत्मीयता से भर उठा।
बुजुर्ग की मांग को तुरंत पूरा करने का दिया निर्देश
भजन खत्म होने के बाद एक अन्य बुजुर्ग डीसी भजन्त्री के पास पहुंचे और इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा… सर… डूरंड कप चल रहा है… मुझे देखना है…। तब भजन्त्री ने तुरंत जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वृद्धाश्रम के इच्छुक बुजुर्गों के लिए डूरंड कप फुटबॉल मैच देखने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यह सुनते ही बुजुर्ग के चेहरे पर संतोष और खुशी की मुस्कान लौट आई।
अपने साथ मिठाई लेकर पहुंचे थे डीसी
पिछले निरीक्षण के दौरान उपायुक्त भजन्त्री ने सभी बुजुर्गों से उनके शौक और पसंद के बारे में पूछा था। उसी बातचीत को याद रखते हुए इस बार वे अपने साथ मिठाइयां लेकर पहुंचे थे। विशेष रूप से उन माताजी की पसंद का खास ध्यान रखा गया, जिन्होंने पिछली बार मिठाई खाने की इच्छा जताई थी। भजन्त्री एवं प्रोबेशनर आईएएस आस्था शरण ने अपने हाथों से सभी बुजुर्गों को मिठाई खिलाकर उनके साथ आत्मीय पल साझा किए।
बुजुर्गों की हर आवश्यकता को समय पर पूरा करने को कहा
इसके बाद उपायुक्त ने वृद्धाश्रम के दूसरे तल पर जाकर वहां रह रहे बुजुर्गों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। सभी ने वृद्धाश्रम में उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। अपने निरीक्षण के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि प्रत्येक बुजुर्ग की नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक चीजों की सुविधाएं निरंतर सुनिश्चित की जाएं तथा उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला अधिकारी ने वृद्धाश्रम परिसर में वर्षा जल के जमाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही पेयजल की उपलब्धता को और बेहतर बनाने के लिए परिसर में चापानल स्थापित कराने, परिसर की साफ-सफाई, हरियाली के संरक्षण, बिजली और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ रखने तथा प्रत्येक बुजुर्ग के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गरिमामय वातावरण बनाए रखने के भी निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिए।



