कॉकरोच जनता पार्टी का समर्थन करने वाले टीचर को पहले सस्पेंड करने का आदेश दे दिया गया। बाद में उसके बवाल करने पर उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर उठा विवाद अब गहराता जा रहा है। बीते 25 जुलाई को कटनी के फॉरेस्टर ग्राउंड में कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन में शामिल होकर शिक्षा विभाग की कथित कमियों को उजागर करने वाले शिक्षक वरुण नायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
शिक्षक का आरोप है कि शिक्षा नीतियों के खिलाफ बोलने और नकल व्यवस्था की पोल खोलने के कारण उन पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई है, जबकि स्कूल प्रशासन और पुलिस का दावा है कि शिक्षक ने स्कूल में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था बयान
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बिलहरी में प्राथमिक शिक्षक (विज्ञान) के पद पर कार्यरत वरुण नायक ने 25 जुलाई के प्रदर्शन के बाद एक वीडियो जारी किया था। वीडियो में उन्होंने कहा था “कर्मचारी हूं तो नाम बताने से सस्पेंड होने का डर रहता है, लेकिन चलिए मैं अपना नाम दे देता हूं। मैं वरुण नायक हूं। सरकार को जो करना हो करे, भले सस्पेंड कर दे। मेरे स्कूल से लेकर हर तहसील और जिले में BEO और DEO स्तर पर भ्रष्टाचार और नकल फिक्स है। 11वीं-12वीं के छात्र पास तो हो जाते हैं, लेकिन कई बच्चे रिजल्ट और पास की स्पेलिंग तक नहीं लिख पाते। यह छोटी-छोटी चिंगारियां मिलकर आग बन रही हैं, जो हमें जंतर-मंतर पर सीजेपी के रूप में देखने को मिलीं।
वीडियो के बाद निलंबन और स्कूल में भारी हंगामा
शिक्षक के इस बयान के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने 28 जुलाई 2026 को वरुण नायक के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।घटनाक्रम ने 30 जुलाई को तब हिंसक रूप ले लिया, जब सुबह लगभग 11:40 बजे वरुण नायक बिलहरी स्कूल पहुंचे।
आदेश फाड़ने और पैसे मांगने का आरोप
प्राचार्य देवेंद कुमार तिवारी (55) द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने शिक्षक को निलंबन आदेश दिया, तो उन्होंने उसे फाड़ दिया और शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। मना करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत में कहा गया कि शिक्षक ने पूर्व प्राचार्य रेखा तिवारी पर निलंबन कराने का आरोप लगाते हुए उनके बाल पकड़कर घसीटा और थप्पड़ मारकर जमीन पर गिरा दिया। बीच-बचाव के लिए अन्य स्टाफ सदस्य (मनीष गौतम, सुनील गौतम, शोएब रजक आदि) आगे आए। सूचना मिलने पर जब बिलहरी चौकी से पुलिस बल (राम सिंह, व्यास गुप्ता, सौरभ जैन) मौके पर पहुंचा, तो आरोपी शिक्षक उनसे भी भिड़ गया और जमीन पर लेटने लगा, जिससे एक पुलिसकर्मी को चोटें आईं।
मामला दर्ज
प्राचार्य देवेंद कुमार तिवारी की शिकायत पर बिलहरी चौकी (थाना कुठला) पुलिस ने आरोपी शिक्षक वरुण नायक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 119, 296, 115(2) और 351(3) के तहत शासकीय दस्तावेज फाड़ने, मारपीट, गाली-गलौज, शासकीय कार्य में बाधा डालने व धमकी देने की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
स्कूल में विवाद की सूचना पर पुलिस टीम भेजी गई थी। आरोपी शिक्षक वहां हंगामा कर रहे थे। रोकने पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की। पुलिस पर मारपीट के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। विधिसम्मत कार्रवाई कर आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।



