कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की राशि जब्त की और मौके पर पंचनामा बनाने के साथ ही अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

जितना हो सके बटोर लूं, फिर मौका नहीं मिलेगा; MP में रिटायरमेंट से एक दिन पहले रिश्वत लेते धराया क्लर्क
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई/कार्यपालन यंत्री) सुशील कटारे को गुरुवार को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के दौरान सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एक दिन बाद ही आरोपी अधिकारी सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाला था, लेकिन आखिरी समय में जितना हो सके बटोर लो की सोच के चलते वह लोकायुक्त के जाल में फंस गया। पुलिस ने यह कार्रवाई एक ठेकेदार की शिकायत के बाद की, जिससे आरोपी अधिकारी ने 36 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम के ठेकेदार सचिन पचौरी ने इस बारे में लोकायुक्त ग्वालियर से शिकायत की थी और बताया था कि उनकी एक फाइल आगे बढ़ाने के एवज में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे उनसे 36 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि रिश्वत की पहली किस्त के रूप में आरोपी अधिकारी 28 जुलाई को पहले ही 30 हजार रुपए ले चुका था। शेष 6 हजार रुपए देने के लिए शिकायतकर्ता सचिन पचौरी गुरुवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचा थे। जैसे ही सुशील कटारे ने 6 हजार रुपए की रिश्वत की रकम अपने कब्जे में ली, बाहर पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की राशि जब्त की और मौके पर पंचनामा सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। इसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
इस बारे में जानकारी देते हुए लोकायुक्त ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत का सत्यापन कराया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद ट्रैप कार्रवाई की गई और आरोपी को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई की खबर फैलते ही नगर निगम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच पूरे दिन इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। रिटायरमेंट से ठीक एक दिन पहले हुई यह गिरफ्तारी अब ग्वालियर में बड़ी चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई जारी है।



