मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ई-बस सेवा की शुरुआत हो गई है। गुरुवार को तीन रूटों पर 10 बसें दौड़ीं। दूसरे चरण में 10 और बसें शुरू की जाएंगी। आगामी 15 अगस्त को औपचारिक लोकार्पण के बाद 30 बसें नियमित रूप से सड़कों पर दौड़ने लगेंगी।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार से वातानुकूलित (एसी) इलेक्ट्रिक बस सेवा का शुभारंभ हो गया। टिकटिंग सॉफ्टवेयर की परीक्षण प्रक्रिया और ट्रायल रन पूरा होने के बाद पहले चरण में तीन मार्गों पर 10 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया है। इन बसों का किराया वर्तमान सिटी बसों के समान रखा गया है, जो सात रुपये से 40 रुपये तक है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार ई-बसों का संचालन चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन वाया बैरागढ़-चिचली, चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन तथा डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन से कोच फैक्ट्री मार्ग पर किया जा रहा है। बसें शहर के सभी निर्धारित बस स्टॉप पर रुक रही हैं, हालांकि फिलहाल इनके संचालन का समय निर्धारित किया जा रहा है।
भोपाल में अब तक 30 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं, जिनमें से पहले चरण में 10 बसों को यात्रियों के लिए संचालित किया गया है। दूसरे चरण में 10 और बसें शुरू की जाएंगी। आगामी 15 अगस्त को प्रदेश स्तर पर औपचारिक लोकार्पण के बाद सभी 30 बसें नियमित रूप से सड़कों पर दौड़ेंगी।
नगर निगम के अनुसार अगले 10 से 12 दिनों में 20 और इलेक्ट्रिक बसें भोपाल पहुंचने की संभावना है। इनके संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में 11 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं। नई ई-बसों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक डोर और व्हीलचेयर के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक बस में सुरक्षा के लिए छह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी डिपो स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी।
बसों की लंबाई नौ मीटर होने से शहर की संकरी सड़कों और यातायात वाले क्षेत्रों में संचालन अपेक्षाकृत आसान रहेगा। वर्तमान में संचालित अधिकांश सिटी बसों की लंबाई 12 मीटर तक है। निगम के अनुसार बसों का संचालन दो शिफ्टों में किया जाएगा। पहली शिफ्ट सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी शिफ्ट दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक रहेगी।



