मथुरा में हो रही बारिश के बीच जामा मस्जिद के गुंबद का एक हिस्सा टूटकर गिर गया। बारिश के बीच गिरे गुंबद के टुकड़े से तेज धमाके की आवाज हुई, जिससे पूरा इलाका ही दहल गया।
Mathura Hadsa: यूपी के मथुरा में बड़ा हादसा होते-होते बच गया। बुधवार की शाम चौक बाजार स्थित जामा मस्जिद की मुख्य गुम्बद का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। तेज धमाके के साथ गुम्बद का हिस्सा गिरने से सब्जी मंडी व सर्राफा बाजार में खलबली मच गई। पूरा इलाका दहल गया। गुंबद गिरने से धमाका इतनी तेज हुआ कि आसपास गुजर रहे वाहन तक थम गए। स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार की रात से ही कभी तेज तो कभी हल्की बारिश हो रही थी। यह हादसा तब हुआ जब साढ़े पांच बजे की नमाज हो चुकी थी।
बताते चलें कि घनी आबादी के बीच पुराने शहर चौक बाजार, घीया मंडी, मंडी रामदास और हनुमान टीले के बीच प्राचीन जामा ईदगाह मस्जिद है। मस्जिद के नीचे अधिकांश दुकानें सर्राफा कारोबारियों की हैं, जबकि एक ओर चौक बाजार सब्जी मंडी है। बीती रात से कभी तेज तो कभी हल्की बारिश लगातार जारी थी। इस बीच बुधवार शाम करीब छह बजे जामा मस्जिद के मुख्य द्वार की ओर बना मुख्य गुम्बद का हिस्सा तेज धमाके के साथ भरभरा कर गिर गया। तेज धमाका सुनकर चौक सर्राफा बाजार और सब्जी मंडी के साथ-साथ आसपास के बाशिंदों में हड़कंप मच गया। लोग घरों से बाहर निकल आए। सब्जी मंडी में खरीददारी कर रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। जामा मस्जिद के आसपास से गुजर रहे वाहन जहां के तहां थम गए।
टल गया बड़ा हादसा
गनीमत रही कि मुख्य गुम्बद का हिस्सा बाजार में नहीं गिरा। यह हिस्सा मस्जिद परिसर में गिरा था। लोगों ने देखा तो मुख्य गुम्बद का हिस्सा टूटा हुआ था। हादसे के समय मस्जिद में कोई मौजूद नहीं था। कुछ देर पहले ही सभी नमाज पढ़कर मस्जिद से निकले थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो जाता। हादसे के बाद मुस्लिम समाज के कुछ प्रमुख लोग ही नहीं नियमित नमाज अदा करने के लिए यहां आने वाले लोगों ने मस्जिद में पहुंच कर हालत देखे। स्थानीय किराना विक्रेता सचिन अग्रवाल ने बताया कि मुख्य गुम्बद का हिस्सा मस्जिद परिसर में ही गिरा है। हालांकि, सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को गुम्बद के आसपास नहीं आने दिया गया। विप्र नेता रामगोपाल शर्मा ने बताया कि गुम्बद का एक हिस्सा गिरने से सब्जी मंडी के आसपास गुजर रहे लोगों में धमाके की आवाज सुनकर खलबली मच गयी। रुक-रुक कर लगातार बारिश के जारी रहने की वजह से गुम्बद को खतरा बना हुआ है।
मथुरा की जामा मस्जिद का अवलोकन
इतिहास के मुताबिक चौक बाजार की जामा मस्जिद का निर्माण 1661 में औरंगजेब के गवर्नर अब्दुल नबी खान ने करवाया था। इसके चार मीनार, मोजेक प्लास्टर और अद्भुत नक्काशी इसे बेहद खूबसूरत बनाते हैं। अब्दुल नबी खान 1660 से 1668 तक मथुरा में रहे, इसी दौरान उनका निधन हो गया। जामा मस्जिद में चार 40 मीटर ऊंचे मीनार और एक ऊंचा प्रांगण है। शहर मुफ्ति मौहम्मद आसिफ ने बताया कि मस्जिद का निर्माण अब्दुल नबी खान ने कराया था। वहीं दूसरी ओर शहर मुफ्ती मोहम्मद आसिफ ने बताया, चौक बाजार स्थित जामा मस्जिद की गुम्बद का सिर्फ सीमेंट हटा है, यानि की थोड़ा प्लास्टर गिरा है, कोई गुम्बद नहीं गिरी है।



