रेलवे ने बताया कि नए स्टेशन पर रुकने वाली दोनों ट्रेनों के लिए 26 सितंबर तक के रिजर्वेशन भोपाल और निशातपुरा, दोनों स्टेशनों पर होंगे। लेकिन 26 सितंबर के बाद की यात्रा के लिए रिजर्वेशन केवल नए स्टेशन से ही मिलेगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस स्टेशन की शुरुआत की। यह भोपाल शहर का चौथा रेलवे स्टेशन है। इस स्टेशन पर फिलहाल दो ट्रेनों मालवा एक्सप्रेस (अंबेडकर नगर-वैष्णो देवी कटरा) और सोमनाथ एक्सप्रेस (जबलपुर-वेरावल) को स्टॉपेज दिया गया है। जिससे कि भोपाल की 3 लाख की आबादी को फायदा होने का अनुमान है। रेलवे का कहना है कि 26 सितंबर तक दोनों ट्रेनें भोपाल और निशातपुरा दोनों स्टेशनों पर रुकेंगी। लेकिन इसके बाद इन ट्रेंनों का स्टॉपेज सिर्फ निशातपुरा पर ही रहेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने दोनों ट्रेनों के ठहराव को क्षेत्र के यात्रियों के लिए नई सौगात बताया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डॉ. आंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे का नेटवर्क इतना व्यापक है कि कई देशों की कुल आबादी के बराबर लोग प्रतिदिन इसकी ट्रेनों में यात्रा करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथा रेलवे स्टेशन मिला है और यह दर्शाता है कि पिछले 12 वर्षों में रेलवे का ‘न भूतो न भविष्यति’ विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं और निशातपुरा स्टेशन शुरू होने के बाद नई दिल्ली से उज्जैन और इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों को ट्रैक तथा इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।
यादव ने कहा, ‘निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को नई सुविधा मिली है। निशातपुरा में रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं।’ उन्होंने कहा कि अब नई दिल्ली से उज्जैन और इंदौर आने-जाने वाले यात्रियों का काफी समय बचेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए भारतीय रेलवे की ओर से लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, क्योंकि इस आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालुओं के मध्यप्रदेश आने की संभावना है।
उन्होंने कहा, ‘इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।’ उन्होंने कहा कि ‘निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ रुपए की लागत से विकसित यह स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां कई नई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब नई दिल्ली से उज्जैन और इंदौर आने-जाने में समय की बचत होगी और यात्रियों को भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना सीधे ट्रेन मिल सकेगी।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल में अब रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, भोपाल मुख्य रेलवे स्टेशन, संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन और निशातपुरा रेलवे स्टेशन सहित कुल चार प्रमुख स्टेशन हो गए हैं। उधर रेलवे ने जानकारी देते हुए बताया कि, 26 सितंबर तक की यात्रा के लिए रिजर्वेशन में भोपाल और निशातपुरा, दोनों स्टेशनों का विकल्प रहेगा। वहीं 26 सितंबर के बाद की यात्रा के लिए रिजर्वेशन केवल निशातपुरा स्टेशन से किया जाएगा।
इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ‘आज भोपाल के विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव प्रारम्भ हुआ है। इस अवसर पर पहली ट्रेन मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेश की राजधानी भोपाल को एक और रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। जिसमें भोपाल जंक्शन, संत हिरदाराम नगर और रानी कमलापति के साथ निशातपुरा भी शामिल हो गया है।’
आगे उन्होंने कहा, ’14 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस स्टेशन की सौगात से नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यात्रियों की सुविधाओं के साथ व्यापार, उद्योग और आवागमन को भी बड़ा लाभ मिलेगा। प्रदेश में रेलवे अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है। भोपाल के पास ट्रेन के आधुनिक कोच तैयार किए जाएंगे। देश के साथ ही मध्यप्रदेश भी बदल रहा है।’
उधर प्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने इस मौके पर कहा कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से उत्तर भोपाल के करोंद, निशात्पुरा, छोला, भानपुर, अयोध्या बायपास और द्वारका नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, साथ ही मुख्य रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का दबाव भी कम होगा।


