
ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
ओडिशा से दिल्ली जा रही थी गांजे की खेप, रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में ₹1.20 करोड़ की बरामदगी।
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सोनभद्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 220 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 1.10 करोड़ रुपये बताई गई है। तस्करी में प्रयुक्त छह पहिया EICHER PRO 1075 वाहन समेत कुल बरामदगी की अनुमानित कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये है।
पुलिस के अनुसार यह गांजा ओडिशा से सोनभद्र होते हुए दिल्ली ले जाया जा रहा था। तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए मालवाहक वाहन में लोहे की चादरों से वेल्डिंग कर एक विशेष गुप्त केबिन तैयार कराया था। इसी गुप्त केबिन में सात बोरों में गांजे की खेप छिपाकर रखी गई थी।
हिन्दुआरी तिराहे के पास मिली थी संदिग्ध वाहन की सूचना।
पुलिस के मुताबिक 13 सितंबर 2026 को थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी टीम द्वारा होटल डीआर ड्रीम, सनबीम स्कूल मोड़ तिराहा, ग्राम गेंगुआर के पास संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि हिन्दुआरी तिराहे से कुछ पहले पुल के पास छह पहिया EICHER वाहन खड़ा है, जिसमें दो संदिग्ध व्यक्ति मौजूद हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और वाहन की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखकर वाहन में बैठे दोनों संदिग्धों ने कूदकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उन्हें करीब 20:40 बजे पुल की रेलिंग के पास सड़क किनारे पकड़ लिया।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिरेस पुत्र होराम, निवासी ग्राम अद्दरमई, थाना ओसांवा, जनपद बदायूं, उम्र करीब 45 वर्ष तथा गोविन्द पुत्र सुरेन्द्र, निवासी ग्राम मियारी, पोस्ट अभिबाँव, थाना ओसांवा, जनपद बदायूं, उम्र करीब 25 वर्ष के रूप में हुई।
वाहन में बनाया था विशेष गुप्त केबिन।
पुलिस टीम ने जब वाहन की तलाशी ली तो उसके मालवाहक हिस्से के अग्रिम भाग में लोहे की चादरों को वेल्डिंग कर बनाया गया विशेष गुप्त केबिन मिला। केबिन को देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। तलाशी के दौरान इसके अंदर सात बोरों में 220 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
इसके अलावा पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल EICHER PRO 1075 छह पहिया वाहन संख्या DL 1LY6546, दो मोबाइल फोन और चार हजार रुपये नकद भी बरामद किए।
दिल्ली के लोगों के लिए ओडिशा से लाए थे गांजे की खेप।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली के कुछ लोगों के संपर्क में रहकर उनके लिए गांजा लाने का काम करते हैं। उनके अनुसार गांजा खरीदने के लिए दिल्ली में रहने वाले लोगों द्वारा उन्हें धन उपलब्ध कराया गया था।
आरोपियों के मुताबिक वे उक्त धनराशि लेकर ओडिशा के सुंदरगढ़/कालाहांडी क्षेत्र पहुंचे थे। वहां उनकी मुलाकात कालाहांडी निवासी एक व्यक्ति से हुई, जिसके माध्यम से गांजा वाहन में लोड कराया गया। इसके बाद गांजे को वाहन में बनाए गए विशेष गुप्त केबिन में छिपाकर ओडिशा से सोनभद्र के रास्ते दिल्ली ले जाया जा रहा था।
मोबाइल फोन से खंगाला जा रहा पूरा तस्करी नेटवर्क।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि तस्करी से जुड़े लोग आपस में मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क में रहते थे। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में सामने आए लोगों की भूमिका और ओडिशा-सोनभद्र-दिल्ली के बीच संचालित अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क की गहनता से जांच की जा रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर
दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना रॉबर्ट्सगंज में मु0अ0सं0 763/2026, धारा 8/20/27ए/29/60 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कुल बरामदगी
220 किलोग्राम अवैध गांजा — अनुमानित कीमत ₹1.10 करोड़।
EICHER PRO 1075 छह पहिया वाहन — अनुमानित कीमत ₹10 लाख।
02 मोबाइल फोन।
₹4,000 नकद।
कुल अनुमानित कीमत — करीब ₹1.20 करोड़।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्र के पर्यवेक्षण में हुई इस कार्रवाई को मादक पदार्थों की अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।


