धनबाद के एक आवासीय स्कूल पर छात्रों से मारपीट, टॉयलेट साफ कराने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगे हैं। अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
झारखंड के धनबाद स्थित एक आवासीय विद्यालय में छात्रों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और उनसे टॉयलेट साफ कराने के आरोपों के बाद शनिवार को जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना के बाद स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बन गया।
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से जुड़ा है मामला
मामला धनबाद के बापूनगर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के छात्रावास से जुड़ा है। अभिभावकों का आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के साथ नियमित रूप से शारीरिक दंड दिया जाता है, उन्हें अपशब्द कहे जाते हैं और टॉयलेट साफ करने के लिए मजबूर किया जाता है। उनका कहना है कि इस व्यवहार का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
एक कमरे में 16-18 बच्चों को रखा जा रहा
परिजनों ने स्कूल की हॉस्टल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि एक कमरे में 16 से 18 बच्चों को रखा जा रहा है और वही कमरा कक्षा के रूप में भी इस्तेमाल होता है। इससे छात्रों को रहने और पढ़ाई, दोनों में परेशानी हो रही है।
पहले भी सामने आईं मारपीट की शिकायतें
अभिभावकों का यह भी कहना है कि बच्चों के साथ मारपीट की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप है कि शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि स्कूल के छात्रावास में 120 से अधिक छात्र रहते हैं।
स्कूल टीचर ने स्वीकारा, संस्थान में कुछ कमियां हैं
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल की ओर से शिक्षक सीताराम कुमार ने स्वीकार किया कि संस्थान में कुछ कमियां हैं, लेकिन छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बार-बार अनुशासन तोड़ने वाले छात्रों को कभी-कभी अनुशासनात्मक दंड दिया जाता है।
बच्चों से टॉयलेट साफ कराई जाती, शिक्षकों ने भी माना
शिक्षक ने यह भी माना कि बड़े छात्रों से कभी-कभी टॉयलेट साफ कराया जाता है। हालांकि उनका कहना है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी सप्ताह में दो बार सफाई के लिए आते हैं और छात्रों से सफाई कराना अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का हिस्सा है, न कि प्रताड़ना।
फिलहाल अभिभावकों की शिकायतों के बाद मामले को लेकर जांच की मांग तेज हो गई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि संबंधित प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।



