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दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद जारी है. इस बीच फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता कंवलजीत सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने कहा कि जब कोई फिल्म पूरी बन जाती है, उस पर करोड़ों रुपये और कई लोगों की मेहनत लग चुकी होती है, तब उसे रोकना पूरी टीम के साथ अन्याय है.
दिलजीत की फिल्म को लेकर किए सवाल
नई दिल्ली. दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब इस विवाद के बीच ही जाने माने एक्टर कंवलजीत सिंह का बड़ा बयान सामने आया है. उनका कहना है कि रिलीज के बाद फिल्म को रोकना टीम के साथ अन्याय है.
आईएएनएस से बातचीत में कंवलजीत सिंह ने बताया कि ‘सतलुज’ उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण फिल्मों में से एक है. उन्होंने कहा कि पहली बार उन्हें इतने बेरहम इंसान का किरदार निभाने का मौका मिला. यही वजह थी कि यह रोल उन्हें बेहद दिलचस्प लगा. उन्होंने कहा कि यह कहानी इतिहास से जुड़ी है, लेकिन इस पर पहले कभी ज्यादा बात नहीं हुई थी.
किरदार के लिए की थी पूरी तैयारी
कंवलजीत सिंह ने बताया कि उनका किरदार पंजाब के एक वरिष्ठ अधिकारी से प्रेरित था. भूमिका की तैयारी के लिए उन्होंने उस अधिकारी के बारे में इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पढ़ी, उनके भाषण देखे और उनके व्यक्तित्व को समझने की कोशिश की. हालांकि निर्देशक ने साफ कहा था कि किसी की नकल नहीं करनी है, बल्कि अपने अभिनय से किरदार को जीवंत बनाना है. उन्होंने कहा कि मेकअप की वजह से कई लोगों को लगा कि वह बिल्कुल उसी अधिकारी जैसे दिख रहे हैं.
रिलीज रुकने के पीछे सिर्फ विवाद नहीं होते
फिल्म की रिलीज में आई दिक्कतों पर कंवलजीत सिंह ने कहा कि हर बार विवाद ही वजह नहीं होता. कई बार आर्थिक, तकनीकी और दूसरे व्यावहारिक कारण भी सामने आते हैं. उन्होंने कहा कि जब कोई फिल्म सालों की मेहनत के बाद भी रिलीज नहीं हो पाती, तो पूरी टीम को दुख होता है. इसकी तुलना उन्होंने उस लेखक से की, जिसकी किताब सालों की मेहनत के बाद भी प्रकाशित नहीं हो पाती.
‘सतलुज’ एक दिन जरूर रिलीज होगी
कंवलजीत सिंह ने भरोसा जताया कि ‘सतलुज’ एक दिन जरूर रिलीज होगी. उन्होंने कहा कि इस फिल्म से जुड़े हर व्यक्ति ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम किया है. चाहे वह स्पॉट बॉय हो, तकनीशियन हो, अभिनेता हो या निर्देशक. सभी चाहते हैं कि दर्शक उनकी मेहनत को बड़े पर्दे पर देखें.फिल्म से जुड़े विवाद पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह मामला करीब ढाई से तीन साल तक अलग-अलग स्तर पर चलता रहा. इसके बावजूद फिल्म के निर्माता और निर्देशक अपने फैसले पर डटे रहे. उन्होंने किसी बाहरी दबाव के आगे झुकने के बजाय अपनी बात रखी. कंवलजीत ने बताया कि एक समय फिल्म में बड़े पैमाने पर कट लगाने की बात भी हुई थी और बाद में इसे कनाडा के एक फिल्म फेस्टिवल से भी वापस ले लिया गया था.
बता दें कि कंवलजीत सिंह का कहना है कि अगर किसी फिल्म के विषय को लेकर किसी तरह की आपत्ति या आशंका है, तो उसका समाधान फिल्म बनने से पहले ही कर लेना चाहिए. जरूरी मंजूरियां और चर्चा पहले होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि फिल्म पूरी बनने, पैसा खर्च होने और पूरी टीम की मेहनत लगने के बाद उस पर रोक लगाना या बड़े बदलाव की मांग करना सही नहीं है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें



