ब्यूरो रिपोर्ट सोनभद्र।
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत किया जाएगा छह लाभार्थियों का चयन।
आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 जुलाई।
गो-संवर्धन के साथ-साथ युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योगी सरकार की अनूठी योजना।
सोनभद्र। प्रदेश की योगी सरकार उच्च उत्पादन क्षमता के गोवंश के संवर्धन के साथ आमजन को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत की। जिसके तहत लाभार्थी दस स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की डेयरी की स्थापना कर सकते हैं। पशुपालन विभाग द्वारा प्रति इकाई की लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। जिस पर दो चरणों में अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान के रूप में 11.80 लाख रुपये विभाग द्वारा दिए जाते हैं। यह राशि शासन द्वारा डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना के तहत 50 प्रतिशत महिला पशुपालकों को लाभांवित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मौजूदा वित्त वर्ष में छह लाभार्थियों (तीन महिला-तीन पुरुष)को लाभान्वित करने का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। आवेदन की अंतिम तारीख 21 जुलाई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत साहीवाल, गिर व थार पारकर प्रजाति की दस गाय की परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है। गाय का क्रय प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग टैक्ट से लाभार्थियों द्वारा किया जाएगा। इकाई की स्थापना के लिए लगभग 8712 वर्ग फीट भूमि के साथ ही लाभार्थी के पास एक वर्ष तक हरे चारे के लिए पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। इकाई की स्थापना के लिए पशुपालक को लाभार्थी अंश 15 प्रतिशत, बैंक ऋण 35 प्रतिशत अथवा बैंक ऋण के स्थान पर उक्त धनराशि लाभार्थी के खाते में उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए लाभार्थी को न्यूनतम छह महीने का बैंक स्टेटमेंट की सत्यापति प्रति देनी होगी। इकाई लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ वही से सकते हैं जिन्होंने पूर्व में प्रचलित कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु योजना अथवा नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत संचालित नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना का लाभ न लिया हो। बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदनों की संख्या अधिक होने की स्थिति में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा ई-लाटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।
योजना से जुड़ी खास बातें
आधारभूत संरचना तैयार करने के उपरान्त प्रथम चरण का अनुदान मिलेगा
गाय क्रय के उपरान्त द्वितीय चरण का अनुदान मिलेगा गाय का क्रय प्रदेश के बाहर से यथासंभव ब्रिडिंग ट्रैक्ट से किया जाए
गोवंश का ईयर टैग व बीमा कराना अनिवार्य क्रय किए जाने वाली गाय प्रथम अथवा द्वितीय ब्यात की हो, तथा ब्यात 45 दिन से अधिक न हो आवेदक के पास गो पालन का कम से कम तीन वर्षो का अनुभव हो आधारभूत संरचना हेतु 0.20 एकड़ तथा चारा उत्पादन हेतु 0.80 एकड़ भूमि होना अनिवार्य।