
संवाददाता। राजन जायसवाल।
कोन (सोनभद्र)। कोन क्षेत्र स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में प्रसव के दौरान आशा बहू की मौत के बाद शनिवार को भारी जनाक्रोश देखने को मिला। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर संचालक एवं संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सिंगा-बागेसोती निवासी लगभग 38 वर्षीय सीमा देवी पत्नी देवनारायण आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं। प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार उनके पहले चार प्रसव सामान्य तरीके से हुए थे, लेकिन इस बार अस्पताल पहुंचते ही ऑपरेशन की सलाह दी गई आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और समय पर उचित उपचार न मिलने से उनकी मौत हो गई, जबकि नवजात सुरक्षित है मृतका के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी अस्पताल छोड़कर चले गए। इससे नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसी अस्पताल में भर्ती एक अन्य प्रसूता कुसुमरी देवी (35) निवासी लौकवाखाड़ी बागेसोती की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में उन्हें सरकारी अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए तथा कहा कि क्षेत्र में अपंजीकृत अस्पतालों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उनकी मौजूदगी में अस्पताल को सील कर दिया गया। एसीएमओ गुलाब शंकर यादव ने बताया कि अस्पताल के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। फिलहाल अस्पताल संचालक नसीम अंसारी तथा संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।इस मौके पर उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, एसीएमओ डॉक्टर गुलाब शंकर यादव, डॉक्टर कृति आजाद बिंद, प्रधान संघ जिलाध्यक्ष लक्ष्मी जायसवाल, विजय शंकर यादव, भाजपा पूर्व ब्लॉक प्रमुख बंशीधर, भाजपा नेता अलख नारायण शुक्ला, जोखन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। वहीं ग्रामीणों ने अवैध अस्पतालों के संचालन और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।